21वीं सदी प्रतिस्पर्धा का दौर है। शिक्षा का स्वरूप बदल चुका है और बिना परिश्रम के सफलता हासिल करना आसान नहीं है। जो विद्यार्थी नियमित रूप से तीन से चार घंटे अध्ययन करते हैं, उन्हें मंजिल अवश्य मिलती है।
यह बातें बृहस्पतिवार को ज्ञानपुर स्थित विभूति नारायण राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘नई दिशा : भविष्य की ओर पहला कदम’ कार्यशाला में मुख्य अतिथि जिला स्काउट प्रशिक्षक डॉ. हरिश्चंद्र यादव ने कहीं। कार्यशाला में करीब 300 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। डॉ. यादव ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। इंसान मां की कोख से कब्र तक निरंतर सीखता रहता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व बताते हुए नियमित अध्ययन की सलाह दी। कहा कि यदि छात्र पूरे वर्ष अनुशासन के साथ पढ़ाई करें तो सफलता निश्चित है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अखबार पढ़ना बेहद जरूरी है। अखबार ज्ञान और शब्दकोष का भंडार है, जिसमें देश-दुनिया की नई जानकारियां मिलती हैं। नियमित समाचार पत्र पढ़ने से भाषा कौशल और सामान्य ज्ञान दोनों मजबूत होते हैं तथा मस्तिष्क की क्षमता भी बढ़ती है। डॉ. यादव ने कहा कि पहले ज्ञान का प्रमुख स्रोत अखबार हुआ करता था और आज भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई है।
उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका अतिथियों ने जवाब दिया। इंटर कॉलेज के वाणिज्य प्रवक्ता दिलीप कुमार मौर्य ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता के लिए निरंतर मेहनत और अनुशासन पर जोर दिया।