डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय के नवाचार परिषद और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की संयुक्त तिमाही बैठक बुधवार को हुई। प्राचार्य प्रो. शाहिद परवेज की अध्यक्षता में महाविद्यालय के विकास तथा अकादमिक गतिविधियों के मूल्यांकन के बारे में चर्चा की गई। इस दौरान स्किल डेवलपमेंट और फेकल्टी डेवलपमेंट कोर्स के साथ छात्र-छात्राओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त प्रवेश प्रक्रिया, अभिमुखीकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय सेवा योजना, रोवर्स रेंजर्स, नैक मूल्यांकन प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, पठन-पाठन, समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन इत्यादि का मूल्यांकन हुआ। पिछले तीन महीने के काम की समीक्षा और आगामी तीन महीने के लिए गतिविधि कैलेंडर निर्धारित किया गया। नवाचार परिषद की ओर से सत्र 2024-25 के प्रथम सेमेस्टर के अंतर्गत प्रथम तिमाही की गतिविधि योजना पर चर्चा की गई।
बाह्य सदस्य डॉ. श्रवण कुमार गुप्ता आईआईसीटी भदोही ने युक्ति पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक विचारों को परिष्कृत करने की सलाह दी। प्राचार्य ने बताया कि आइक्यूएसी और नवाचार परिषद की गतिविधियां विद्यार्थियों के उन्नयन और विकास में सहायक होती हैं। इस दौरान नवाचार परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनीश कुमार मिश्र, आइक्यूएसी प्रभारी डॉ. माया यादव, नैक प्रभारी श्वेता सिंह, परीक्षा प्रभारी डॉ. अनुराग सिंह, छात्र सदस्य सादिया अंसारी और उम्मे हबीबा, डॉ. सुजीत कुमार सिंह, डॉ. भावना सिंह आदि रहीं।