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ओवरलोड वाहनों से स्टेशन मार्ग क्षतिग्रस्त, आवागमन हो रहा बाधित

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ज्ञानपुर। केंद्रीय परियोजनाओं को पूरा कराने के नाम पर रेलवे ठेकेदार ओवरलोड वाहनों से जरूरत के सामान मंगा रहे हैं। इससे कई सड़कें जगह-जगह उखड़ गई हैं। सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। शुक्रवार को जंगीगंज स्टेशन-दरवांसी जर्जर मार्ग से 50-50 टन कंक्रीट स्लीपर लादे हुए ट्रेलर दिखाई दिए। इन ट्रेलर की वजह से पूरी सड़क जगह-जगह उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गई है। वहीं, लोक निर्माण विभाग और जिला पंचायत इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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लगभग एक वर्ष से ठेकेदारों के खिलाफ आवाज उठाने वाले निर्भय सिंह, सुशील ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से दरवांसी गांव की दूरी साढ़े तीन किलोमीटर है। चार वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग और जिला पंचायत ने सूफीनगर से स्टेशन, गोधना मोड़ से स्टेशन और वहिदानगर मोड़ से स्टेशन पहुंचने के लिए तीनों मार्ग का निर्माण कराया था। लगभग ढाई वर्ष पहले से पूर्वोत्तर रेलवे के मडुआडीह-प्रयागराज रूट पर रेल विकास निगम ने दोहरीकरण के साथ विद्युतीकरण कार्य शुरू कराया जो अब अंतिम चरण में है। दोनों कार्यों में लगने वाले उपकरणों की ढुलाई ठेके पर देकर निगम और वाराणसी मंडल के अधिकारी निरीक्षण कार्य तक सीमित हो गए। वहीं ठेकेदारों ने डंपर से मिट्टी, गिट्टी, बालू, नए ट्रैक, केबिल, कंक्रीट स्लीपर आदि पहुंचाने में नियमों को ताक पर रख ओवरलोड वाहनों से ढुलाई करा रहे हैं। नतीजतन स्टेशन को जोड़ने वाले मार्ग जर्जर हो गए है। आवागमन प्रभावित हो गया है। बरसात के दिनों में इन मार्गों से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो जाता है। चंदापुर, दरवांसी, रजमला, कोइरौना, सीतामढ़ी, भावापुर, मैलौना, सुधवैं, नवधन, बसहीं, इनारगांव आदि गांवों से राजमार्ग पहुंचना वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। मार्ग पर उखड़ी छर्री, गड्ढे सुबह से शाम तक किसी न किसी अनहोनी का कारण बनते हैं। जिला पंचायत स्तर से रेलवे अधिकारियों को नोटिस भेजी गई जिसका कोई जवाब नहीं मिला। लोक निर्माण भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस संबंध में रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि किसी परियोजना को पूरा कराने में जब तक राज्य सरकार के संसाधनों का सहयोग नहीं मिलता तब तक वह पूरे नहीं होते। कार्यदाई संस्थाओं से जर्जर मार्गों को बनवाने की पहल की जाएगी।
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