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Stated capital of 198 countries in three minutes four seconds

Sat, 31 Oct 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
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 गत 20 अक्तूबर को फरीदाबाद में हुए इस कांटेस्ट  में विभूति ने देश का नाम लेते ही झटपट उसकी राजधानी बता दिया। इसके बाद उसका नाम  इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया।
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उसकी इस उपलब्धि पर  घर-परिवार  वालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। अब उनकी हसरत बिटिया को वर्ल्ड रिकार्ड  बनाते देखने की है। इसके लिए घर वालों ने तैयारी भी शुरू  कर दी है।

सुरियावां ब्लाक के भिखारीरामपुर गांव निवासी हृदय  नारायण मिश्र के पुत्र विनय कुमार  मिश्र दिल्ली में चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं। उनकी चार साल की बेटी विभूति की मेधा ने लोगों को अचरज में डाल  दिया है।
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 राजधानी के आया नगर स्थित सेंट पॉल स्कूल में नर्सरी कक्षा में  पढ़ने वाली विभूति ने दो साल की उम्र  में ही सुंदर कांड की लाइनें बोलकर  घरवालों को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा से चौंका दिया था।

इसके बाद पिता विनय  मिश्र और बुआ प्रतिमा मिश्र ने उसकी  प्रतिभा को निखारने की कोशिशें शुरू  कीं। चार साल की उम्र तक  पहुंचते-पहुंचते विभूति ने विश्व के देश,  उनकी राजधानियां, धरोहर, दुनिया  के कई देशों का झंडा देखकर उसका नाम और  राजधानी समेत  तमाम चीजें कंठस्थ कर लिया।

 विभूति के पिता विनय कुमार कहते हैं कि  विभूति की स्मरण  शक्ति हैरत में डालने वाली है। उसे कोई चीज एक बार में ही  याद हो जाती है। अब उसके घर वाले उसका  नाम गिनीज  बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होते देखना चाहते हैं।
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