ज्ञानपुर। कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पहुंच कर राज्यपाल के नाम संबोधित छह सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंप कर विद्यालयों में चार माह की फीस माफ करने की मांग की। इस दौरान लोगों ने कहा कि बंदी के दौरान की फीस मध्यम वर्गीय परिवारों के लोग नहीं दें सकेंगे। फीस माफी कर उन्हें आर्थिक तंगी से बाहर निकाला जाए।
वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण हर वर्ग परेशान है। सरकार लोगों के रोजगार के लिए अभी तक कोई ऐसा कदम नहीं उठा सकी जिससे लोगों को राहत मिल सके। चार माह से स्कूल कॉलेज बंद हैं लेकिन कहीं स्कूल फीस तो कहीं एडमीशन फीस और बोर्ड परीक्षा शुल्क के नाम पर लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे अभिभावकों की धड़कन बढ़ गई है। कहा गया कि यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम उठाकर आर्थिक तंगी दूर न की तो लोगी की परेशानी बढ़ेगी।
न्यायालय से लेकर अन्य संस्थाओं में सैकड़ों लोग दिन भर मेहनत कर रोजी-रोटी का इंतजाम करते थे उसका भी आसरा कोरोना ने छीन लिया है। मांगों में यूपी, सीबीएसई, आईसीएसई के तहत शिक्षणरत छात्र-छात्राओं के चार माह की फीस माफ करने की मांग की गई। इतना ही नहीं समस्त मान्यता प्राप्त, गैर मान्यता प्राप्त शिक्षकों, कर्मचारियों को प्रति माह 8 हजार की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई।
पदाधिकारियों ने कहा कि पुस्तकों और ड्रेस में बदलाव करने पर रोक लगाया जाए। अधिवक्ताओं को प्रति माह 10 हजार रुपये की मदद दी जाय, दो लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों का ऋण माफ कर मनरेगा के तहत सहायता की जाय। जिलाध्यक्ष देवनारायण यादव, विजय गौतम, राजेश्वर दुबे, संजय जयसवाल, जफर खान, संजीव दुबे, सिद्घार्थ मिश्रा, रमेशचंद बिंद, त्रिलोकी बिंद, अभिमन्यु यादव, मनीष यादव, शकीला बेगम, शकुंतला देवी, मीरा पाल, नुसरत जहां, सुमित सिंह, राजेश पांडेय, करमचंद्र बिंद, राकेश मौर्या, बाले अंसारी, शारदा सरोज, राजेंद्र मौर्य, महेंद्र पासी आदि रहे।