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लॉकडाउन में चिंदी-चिंदी हो रही सोशल डिस्टेंसिंग

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भदोही के गोपीगंज के अर्बन कोआपरेटिव बैंक के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का मानक तार-तार हो रहा है। सुबह सात से 10 बजे की छूट के दौरान पुलिस-प्रशासन की ओर से समुचित मॉनिटरिंग न होने के चलते जिले के अधिसंख्य बाजारों और नगरीय इलाकों में बीमारी को लेकर तय सुरक्षा मानक मजाक बन चले हैं।
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पुलिस अधिकारी भले ही केवल बाइक और कार चेकिंग के नाम पर तिराहों और चौराहों पर रौब गालिब करने में मशगूल हों, लेकिन प्रमुख बाजारों और नगरीय इलाके में उड़ाई जा रहीं सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियों पर उनकी निगाह नहीं जाती। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इसका भान नहीं है, मगर जान-बूझकर आंखें बंद कर लेने से लॉकडाउन के मकसद पर असर पड़ने लगा है। इससे जानलेवा वायरस कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को रोकने की मुहिम को झटका लगने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
पहली बानगी जिले की व्यवसायिक नगरी गोपीगंज की ली जा सकती है। शुक्रवार को सुबह साढ़े सात बजे ही नगर के खरहट्टी मोहाल और अंजही मोहाल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानों पर खरीदारों का मेला तो बाजार की सड़कों पर वाहनों का रेला लग गया। बाजार का नजारा सामान्य दिनों की तरह हो गया और जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई। हैरत की बात यह कि यह जाम तीन-चार घंटे तक बना रहा और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी कान में तेल डालकर बैठे रहे। लोग जाम में उलझकर परेशान होते रहे और बीमारी के संक्रमण की संवेदनशीलता बढ़ती रही, लेकिन पुलिस का कहीं अता-पता नहीं था। खास बात यह है कि यह जाम गोपीगंज में लगभग प्रतिदिन की समस्या बनती जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। दूसरी नजीर भदोही और सुरियावां की है। यहां भी बाजार के विभिन्न इलाकों में लोगों की मनमानी आवाजाही से लॉकडाउन का मखौल उड़ता रहा। दुर्गागंज बाजार में बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर फर्राटा भरते दिखे। इसी तरह जिले के विभिन्न नगरीय इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग टूटती दिखी।
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