दो चरणों में शिक्षक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों ने बुधवार को हरिहरनाथ मंदिर पर बैठक कर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।
प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर करने के लिए करीब डेढ़ दशक पूर्व रखे गए शिक्षामित्र लंबे आंदोलन के बाद करीब छह माह पूर्व शिक्षक पद पर समायोजित हुए।
प्रथम चरण में शामिल शिक्षामित्रों ने जहां कुछ माह का वेतन उठाया, वहीं दूसरे चरण के शिक्षामित्र वेतन का इंतजार कर रहे थे कि हाईकोर्ट ने समायोजन को ही अवैध करार दे दिया।
लंबी लड़ाई लड़ने वाले शिक्षामित्रों के लिए यह फैसला सदमे जैसा लगा। करीब तीन महीने संघर्ष करने के बाद गत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन निरस्त करने पर स्टे दे दिया। बुधवार को शिक्षामित्रों ने हरिहरनाथ मंदिर पर बैठक कर फैसले पर खुशी जताई।
शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से अविलंब वेतन दिलाने की मांग की। इस मौके पर श्यामजी दूबे, क्रांतिमान शुक्ला, प्रदीप उपाध्याय, ओम दूबे, विनय मालवीय, मनोज, दीपेंद्र श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, विनोद मिश्र, अवधेश, अंजनी, अमृतांशु यादव, रजनीश पाठक, राजेश मौर्य, हर्षिता मालवीय आदि मौजूद रहे।