इस दौरान मतदान में गड़बड़ी करने वाले मनबढ़ों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मतदान को निरस्त कर पुनर्मतदान कराने की मांग की।
ग्रामीणों के मतदान का बहिष्कार करने की सूचना पाकर डीएम प्रकाश बिंदु, एसपी अनिल राय भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों से विरोध का कारण जाना।
विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि सुजातपुर गांव में मनबढ़ों ने उनके मतों के नाम पर धांधली की है। बस्ती के लोग मतदान करने पहुंचे पता चला कि अधिकांश लोगों के वोट पड़ चुके थे।
इसलिए उन्हें मतदान केंद्र से बैरंग लौटा दिया जा रहा था। धांधली और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन करने की जानकारी मिलने की सूचना पाकर डीएम-एसपी पहुंचे।
उन्होंने सभी को शांतिपूर्ण माहौल कायम रखने और मतदान का बहिष्कार न करने का आह्वान किया। लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने और वे धांधली के विरोध में पुनर्मतदान कराने की मांग को लेकर आवाज बुलंद करते रहे।
आरोप है कि धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे 15 वर्षीय अक्षय पुत्र शेषनाथ की पुलिस ने पिटाई कर दी। इससे उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर पुलिस कप्तान एके राय ने पुलिस के किशोर को मारपीट कर घायल करने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मैं गांव में गया था, लेकिन किसी ने मुझसे ऐसी शिकायत नहीं की। प्रदर्शन करने वालों में राजकुमार, राजेश कुमार, सुधीर, रमेश कुमार, दिनेश, प्रदीप, दीपक, राजू, ओंकारनाथ, रामधनी, बाबूलाल आदि मौजूद थे।