जंगीगंज क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। स्रोत: विभाग
ज्ञानपुर। जिले में धान की खरीद जोर नहीं पकड़ पा रही है। धीरे-धीरे 23 दिन हो गए, लेकिन क्रय केंद्रो पर किसानों की आमद नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि 30 क्रय केंद्रो में सिर्फ 10 पर प्रतिदिन किसान धान बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। 20 क्रय केंद्रो पर गिने-चुने किसान ही पहुंचे। इससे 20 दिन से अधिक समय गुजरने के बाद भी साढ़े तीन लाख क्विंटल के सापेक्ष मात्र साढ़े आठ हजार क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। विभाग ने तेजी न आने के पीछे बीते दिनों हुई बारिश और आवक कम होने को कारण बताया है।
रबी और खरीफ सीजन में शासन गेहूं और धान की खरीद करती है। जिसके बाद किसानों को समर्थन मूल्य उनके खाते में आनलाइन भेजा जाता है। जिले में इस बार धान खरीद के लिए 30 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। साढ़े तीन लाख क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। एक नवंबर से खरीद की शुरुआत हो गई। पांच नवंबर से खरीद की बोहनी हुई। 20 नवंबर तक सिर्फ 15 क्रय केंद्रों पर ही खरीद शुरु हो सकी। तीन दिनों में दूसरे अन्य क्रय केंद्रों पर किसान पहुंचे, लेकिन 20 केंद्रो पर सिर्फ पांच से आठ क्विंटल ही खरीद हो पाई है। सिर्फ विपणन के क्रय केंद्रों पर ही 90 फीसदी तक खरीद हुई है। पीसीएफ और खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। विभाग का मानना है कि बारिश के कारण कटाई विलंब से हुआ। गेहूं की बुआई के कारण अभी किसान नहीं पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह में खरीद में तेजी आएगी। जिला विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि उम्मीद के हिसाब से अभी तक खरीद शुरू नहीं हो सकी है। अब तक 220 किसानों से साढ़े आठ हजार क्विंटल धान खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि सभी क्रय केंद्रो पर खरीद शुरू हो गई है।