ज्ञानपुर। भैया दूज पर मंगलवार को बहनों ने भाइयों की सुख, समृद्धि के साथ ही दीर्घायु की कामना की। पूजन-अर्चन कर न सिर्फ भाइयों के सुखी जीवन की कामना की बल्कि उन्हें खुद भी आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही भगवान गोवर्धन का भी सविधि पूजन किया गया।
इस त्योहार के पीछे एक किवदंती यह है कि यम देवता ने अपनी बहन यमी (यमुना) को इसी दिन दर्शन दिया था, जो बहुत समय से उससे मिलने के लिए व्याकुल थी। अपने घर में भाई के यम के आगमन पर यमुना ने प्रफुल्लित मन से उसकी आवभगत की। यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति हो जाएगी। गोपीगंज कस्बे के काली देवी मंदिर, दुर्गा मंदिर, चौरा माता का मंदिर, शीतला देवी मंदिर सहित कई जगहों पर महिलाओं और युवतियों ने भैया दूज की पूजा अर्चना की।
भैया दूज भाई- बहन के प्रेम का अलौकिक पर्व है। इस मौके पर जहां बहनों को भाइयों का इंतजार रहता है वहीं बहनें विधिवत पूजन- अर्चन कर गोवर्धन से आशीर्वाद मांगती है। सुबह होते ही बहनें तैयारी में जुट गईं थी। दोपहर बाद भगवान गोवर्धन का पूजन करने के लिए जगह- जगह बहनें इकट्ठा होने लगी थीं। ज्ञानपुर नगर के बालीपुर, कुंवरगंज, पुरानी बाजार में कई स्थानों पर समूह में जुटकर महिलाओं ने विधि- विधान से पूजा पाठ किया। कई स्थानों पर भैया दूज से जुड़े गीत आदि भी बजते रहे। देव स्थानों पर भी बहनों की भीड़ लगी रही। ज्ञानपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर और गोपीगंज में दुर्गा मंदिर पर विधि - विधान से पूजन कर भाइयों के सुखी जीवन व सुख -समृद्धि की कामना की। इसके अलावा खमरिया, महराजगंज, औराई, जंगीगंज, सीतामढ़ी, ऊंज आदि स्थानों पर भी भैयादूज पर बहनों ने विधि पूर्वक पूजन- अर्चन कर भाइयों के दीर्घजीवी होने की कामना की।