कथावाचक पं. संकठा प्रसाद तिवारी ने प्रभु राम के आदर्शों से लोगों को अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम आदर्श भाई, आदर्श पुत्र, आदर्श पति और आदर्श राजा बनकर मर्यादा पुरुषोत्तम राम बने। युगों तक उनके चरित्र आदर्श रहेंगे।
श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर मानव आदर्शकारी बन सकता है। पूर्व में प्रत्येक घरों से रामायण की आवाज सुनाई देती थी, जिससे हर घर में अच्छे संस्कारी बच्चे होते थे। वर्तमान में जैसे लोग इससे दूरी बना रहे हैं, उसी तरह उदंड बच्चे घरों में हो रहे हैं।
रामचरित मानस का पाठ हर घर में होने लगे तो समाज से अत्याचार, अपराध समाप्त हो जाएगा। इस मौके पर लक्ष्मीशंकर तिवारी, नागेंद्र पांडेय, उन्नत, मुकेश, पिंटू समेत कई लोग मौजूद रहे।