डीपीआरसी में शिक्षामित्र सम्मान समारोह में बोलते जिपं अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी। स्रोत: सूचना
- फोटो : मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया आरोपी।
ज्ञानपुर। विकास भवन स्थित जिला पंचायत संसाधन केंद्र पर मंगलवार को शिक्षामित्रों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा के विकास में शिक्षामित्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। अंत में ब्लॉकवार चार-चार शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय का प्रतीकात्मक चेक दिया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा की अहम कड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किया गया है। भविष्य में उनको कई लाभ भी मिल सकते हैं। उन्होंने शिक्षामित्रों को ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाने की अपील की। ज्ञानपुर के निषाद पार्टी के विधायक विपुल दूबे ने शिक्षामित्रों के समर्पण एवं योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत बनाने में शिक्षामित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। औराई के भाजपा विधायक दीनानाथ भाष्कर ने शिक्षा मित्रों को आश्वस्त किया कि सरकार भविष्य में भी उनके साथ खड़ी रहेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न सुधारात्मक प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीएम शैलेष कुमार ने कहा कि शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा की रीढ़ हैं। उनका योगदान सराहनीय है। सीडीओ बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, नियमित उपस्थिति एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाकर शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाया जा सकता है। इसके पूर्व बीएसए शिवम पांडेय ने अतिथियों का पुष्प्गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गान एवं सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा गोरखपुर में आयोजित सम्मान कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। अंत में सभी छह ब्लॉकों के दो महिला और दो पुरुष शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक दिया गया। इस दौरान डीआईओएस अंशुमान, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार राजाराम, डीडीओ ज्ञान प्रकाश, डीसी नवीन मिश्रा आदि मौजूद रहे।