हाईकोर्ट से समायोजन निरस्त होने के बाद जिले के शिक्षामित्रों में उबाल आ गया है। सोमवार को शिक्षामित्रों ने स्कूलों में कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। बीआरसी डीघ में ताला बंद कर प्रदर्शन किया। तत्पश्चात राष्ट्रपति, केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपा।
करीब एक दशक की लंबी लड़ाई के बाद प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन दो दिन पूर्व हाइकोर्ट ने निरस्त कर दिया। समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्र लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
सोमवार को जिले के डीघ, औराई, भदोही, सुरियावां, अभोली और ज्ञानपुर ब्लाक में पढ़ाने वाले शिक्षामित्रों ने पठन-पाठन का बहिष्कार कर विरोध जताया। शिक्षामित्रों ने कहा कि 15 साल से स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बाद दूध में मक्खी की तरह उन्हें निकालकर बाहर करना न्यायोचित नहीं है।
कार्य बहिष्कार के दौरान शिक्षामित्रों ने शिक्षक संगठनों और विद्यालयों के शिक्षकों से आंदोलन में शामिल होने केे लिए आग्रह किया। जंगीगंज संवाददाता के अनुसार, सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने पर शिक्षामित्रों ने सोमवार को बीआरसी डीघ का ताला बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षामित्रों ने कहा कि मात्र तीन हजार मानदेय में कई साल नौकरी करने के बाद उनका समायोजन सहायक अध्यापक पद पर किया गया। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से गुहार लगाई। प्रदर्शन करने वालों में शिव कुमार पांडेय, अरविंद शुक्ला, गौरव चौबे, वंश बहादुर यादव, राजनाथ यादव, मंशाराम, अवधेश कुमार, राजेश कुमार, महेंद्र कुमार, रीता देवी, ममता, मंजू, संध्या सहित कई शिक्षामित्र रहे।