ज्ञानपुर (बलिया)। जैसे-जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर सिक्सलेन का कार्य समापन की ओर पहुंच रहा है वैसे-वैसे राहगीरों, वाहन चालकों की दुश्वारियां बढ़ती ही जा रही है। लगभग एक सप्ताह से गेराई पावर हाउस के सामने बना नाला ओवरफ्लो हो जाने से उत्तरी लेन की सर्विसलेन गंदे पानी से डूब गई है। पानी अब पावर हाउस परिसर की ओर बढ़कर कर्मचारियों की मुश्किले बढ़ाना शुरू कर दिया है। ओवरफ्लो नाला की समस्या का समाधान न होने पर राजमार्ग के किनारे रहने वालों ने प्रदर्शन की चेतावनी दिया है।
कमरुद्दीन, रहमत अली, राजेंद्र प्रसाद, रोजन अली, किशोरचंद्र, मनोज आदि ने प्राधिकरण पर सवाल उठाया है कि लगभग चार वर्ष पहले लगभग 2447 करोड़ रुपये से फोरलेन को सिक्सलेन में परिवर्तित कराने का कार्य शुरु कराया गया। हंडिया-राजातालाब के 72 किलोमीटर वाले खंड का 38 किलोमीटर का राजमार्ग पश्चिमी सीमा ऊंज और पूर्वी सीमा बाबूसराय को जोड़ता है।
कार्यदाई संस्थाओं को अलग-अलग मिली जिम्मेदारियों में शामिल अंडरपास, ओवरब्रिज, डिवाइडर, बस स्टाप, उत्तरी-दक्षिणी छोर की सर्विसलेन के किनारे लाखों रुपये नाला का निर्माण शामिल था। लगभग चार माह पूर्व ओवरब्रिज गोपीगंज को चालू कराकर प्राधिकरण ने 90 फीसद कार्य को पूर्ण होने का दावा कर लिया लेकिन जगह-जगह जाम होने वालेे नाला की ओर ध्यान नहीं दिया जा सका जो अब राजमार्ग के किनारे रहने वालों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है।
प्रवीण सिंह, कमलेश, योगेश कुमार, सूरज, नागेंद्र ने कहा कि प्राधिकरण ने नाला का निर्माण अपनी सुविधा के लिए कराया है बावजूद इसके वह अपनी संपत्ति को सही दिशा देने में असमर्थ है। इसका परिणाम है कि गेराई, छतमी, जंगीगंज बाजार, सूफीनगर-गोधना, नवधन-वहिदानगर, लालानगर, नटवां, माधोसिंह, महाराजगंज, जयरामपुर-घोसिया के दोनों ओर का नाला अभी तक मुख्य निकास वाले भाग में नहीं जुड़ सका। यही कारण है कि रिहायशी इलाकों में नाला को कचरे से पाटने और घरों से निकलने वाले मुख्य पाइप को उसी नाले में मिलाने से गंदा पानी कब और कहां किस ओर अपना रुख कर लेगा कुछ नहीं कहा जा सकता।
मुख्य लेन से बड़े वाहन तो सर्विसलेन से पैदल, साइकि ल, बाइक का आवागमन नालों के गंदे पानी, असहनीय दुर्गंध के चलते प्रभावित करने लगा है। परियोजना निदेशक एनएचएआई एके राय ने बताया कि सिक्सलेन का 10 फीसद कार्य पूर्ण न होने से इस तरह की समस्या खड़ी हुई है। जानकारी होने पर ओवरफ्लो हुए नाला की सफाई जेसीबी से कराई