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UP Crime: फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे एडमिशन लेने के दोषी को सात साल की सजा, कोर्ट ने 11 हजार जुर्माना भी ठोका

Wed, 13 Nov 2024 02:39 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।

सार

भदोही जिले में पिछड़ा वर्ग का होने के बावजूद अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर फर्जी तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लेने के दोषी को सात साल की सजा हुई।   
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के सहारे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एडमिशन लेने के मामले में न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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गोपीगंज थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर निवासी अमित कुमार बिंद पिछड़ा वर्ग का होने के बावजूद अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर फर्जी तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एडमिशन लिया था। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी के खिलाफ गोपीगंज थाने में जून 2018 में एफआईआर दर्ज किया गया था।

विवेचना के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साबिया खातून की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अमित कुमार बिंद को अवैध तरीके से अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाकर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने का दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी को सात साल की कैद और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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