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सर्वर फेल, चार घंटे में लाइन में खड़े रहे किसान

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सहकारी समिति गोपीगंज में खाद के लिए लगी लाइन में खड़े किसान। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर/लालानगर। गेहूं की फसल के लिए जरूरत बढ़ने के बाद जिले में खाद की किल्लत गहरा गई है। पर्याप्त आपूर्ति होने के बावजूद किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल पा रही है। साधन सहकारी समितियों पर खाद के लिए मारामारी मची है। इस बीच शनिवार को गोपीगंज समिति पर नेटवर्क फेल हो गया। इससे किसान चार घंटे तक लाइन में खड़े रहे।
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जिले में संचालित 40 सहकारी समितियों पर आधार सीडिंग से यूरिया वितरण की चुनौतियों ने सहकारिता विभाग की नींद हराम कर दी है। मंगलवार को क्रय-विक्रय समिति पर सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक सर्वर फेल होने के कारण किसानों को चार घंटे तक लाइन में खड़ा होना पड़ा। एक बजे के बाद मध्यम गति से सर्वर चलने पर खाद का वितरण शुरू हो सका। 10 से 20 किलोमीटर दूर से ठंड में खाद लेने आए किसान राजकुमार, रामपाल, प्रभात सिंह, सुभाषचंद्र, मनोहर सिंह आदि ने कहा कि धान की कटाई के बाद शुरू हुई गेहूं की बुआई के लिए किसानों को डीएपी, पोटाश, बीज तक के लिए हलाकान होना पड़ा। कर्ज लेकर किसी तरह बुआई करने के बाद जब पहली सिंचाई कर यूरिया के छिड़काव का समय आया तो सर्वर फेल होने की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। बैंक, डाकघर की तरह अब समितियों में लाइन लगाना बड़ी मुसीबत बन गई है। जांच के नाम पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारी अभियान चलाकर बाजार में कालाबाजारी रोकने में सफल नहीं रहे। मिलीभगत के कारण समिति पर आने वाली खाद या तो सीधे निजी दुकानों पर पहुंची या आई ही नहीं। उस परिस्थिति में गरीब किसान 20 से 30 रुपये प्रति बोरी अधिक दाम देकर बुआई करने को मजबूर हुए। गोपीगंज समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मुन्नू ने बताया कि विभाग से सख्त निर्देश है कि मशीन में अंगूठा और आधार कार्ड पर ही खाद दी जाए। सर्वर फेल होने से मशीन नहीं चल सकी, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ा।
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इनसेट
जिले को 150 टन यूरिया का आवंटन मिला है। इसमें से 60 फीसदी तक ढुलाई कराकर 32 समितियों पर खाद पहुंचा दी गई है। खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
रवींद्र मिश्रा, एआर कोऑपरेटिव

गोपीगंज सीएचसी में सड़क दुर्घटना में घायल वृद्ध का हो रहा उपचार।- फोटो : BHADOHI

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