फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेमराध नाथ: माता पार्वती के साथ विराजमान हैं महादेव

विज्ञापन
विज्ञापन
कौलापुर। वाराणसी, प्रयागराज और विंध्यक्षेत्र के मध्य विराजमान बाबा सेमराध नाथ धाम में महादेव मां पार्वती के साथ विराजमान हैं। जिला मुख्यालय से 25 किमी दक्षिण जंगीगंज सेमराध गंगातट पर स्वयंभू बाबा सेमराध नाथ जमीन से 15 फीट नीचे कुएं में विराजमान हैं। इस शिव लिंग को पांडवकालीन बताया जाता है।
विज्ञापन

सेमराधनाथ धाम में हर महीने हजारों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं, लेकिन सावन में यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु सयन में रहते हैं। इसलिए सृष्टि के संचालन का कार्य भगवान शिव के हाथ में होता है। श्रावण मास में जलाभिषेक पूजन दर्शन रुद्राभिषेक आदि का विशेष महत्व है। बाबा सेमराध नाथ अनादीकाल से विराजमान हैं। सेमराध नाथ मंदिर के प्रधान पुजारी सूर्यकांत पांडेय ने बताया कि एक बार नाव से व्यापार होने के कारण किसी व्यापारी की नाव यहां आकर रात्रि विश्राम के लिए रुक गई। महादेव ने उसे स्वप्न में दर्शन देकर अपने उपस्थिति का आभास दिया। व्यापारी ने स्वप्न में दिखी इस जगह पर जब खुदाई करवाई तो भगवान शिव की मूर्ति दिखाई पड़ी। मान्यता है कि व्यापारी महादेव के शिवलिंग को अपने साथ ले जाना चाहता था, इसलिए खुदाई शुरू कराई। जैसे-जैसे खुदाई होती, वैसे-वैसे महादेव का शिवलिंग अंदर समाता जाता। जिसके बाद उसने वहीं महादेव की स्थापना की। यहीं कारण है महादेव का यह शिवलिंग जमीन से 15 फीट नीचे कुएं में विराजमान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें