सीतामढ़ी। क्षेत्र के गंगा किनारे स्थित छेछुआ गांव की एक बस्ती में 10 सालों से आठ खंभे लगा तो दिए गए हैं, लेकिन विभाग उसपर तार खिंचना भूल गए हैं। बिजली विभाग ने सौभाग्य योजना के तहत हुए कार्य में लोगों की आपसी विवाद से काम बाधित होने की जानकारी दी। बीते 10 सालों से गांव के लोग दूर से तार खिंचकर बिजली जलाते हैं।
सीतामढ़ी फीडर से जुड़े छेछुआ गांव की आबादी करीब 700 के आसपास है। गांव में दुर्व्यवस्थाएं हैं। 10 साल पहले सौभाग्य योजना के तहत बिजली के खंभे लगाए गए थे। कार्यदायी संस्था ने गांव की एक बस्ती में करीब आठ खंभे लगाए और तार भी गिराए गए, लेकिन इसके बाद बिजली विभाग के जिम्मेदार बिजली खंभों पर तार लगाने के साथ-साथ लोगों को कनेक्शन देना भूल गए। जिसका खामियाजा आज तक गांव के करीब 25 परिवार भुगत रहे हैं। गांव के लोगों के अनुसार वे दूर खंभे से तार खिंचकर लाइट जलाते हैं, लेकिन इससे खतरा बना रहता है। जेई माधव द्विवेदी ने बताया कि गांव में सौभाग्य योजना के तहत खंभे लगाए गए थे। स्थानीय लोगों ने कुछ विवाद किया। जिससे कार्यदायी संस्था काम आधा छोड़कर चली गई। अब नए सिरे से वहां पर बिजली के कनेक्शन दिए जायेंगे।