प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रत्नेशमणि त्रिपाठी की अदालत ने पहली पत्नी होने पर भी दूसरी शादी करने और गुजारा भत्ता न देने पर पति के खिलाफ वसूली और गिरफ्तारी वारंट जारी किया। नोटिस के बाद भी हाजिर न होने पर डीएम और एसपी बिलासपुर छत्तीसगढ़ को 18 नवंबर को आरोपी को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया।
भदोही के अजयपुर निवासी रेखा तिवारी की शादी 1998 में सनकडीह बीरापट्टी निवासी श्याम सुंदर से हुई। जिसके बाद दोनों को दो बेटियां हुई। उसके बाद श्यामुसंदर ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में फूड इंस्पेक्टर निलूशा मिश्रा से शादी कर ली।
पीड़िता ने अपने अधिवक्ता रणधीर कुमार सिंह के माध्यम से कोर्ट में वाद दाखिल किया। जिसमें कहा गया कि हिंदू विवाह अधिनियम के खिलाफ शादी की गई और भरण पोषण भी नहीं दिया गया। कोर्ट की तरफ से 11 सितंबर 2024, सात और 18 अक्तूबर 2024 को पति श्यामसुंदर के खिलाफ वसूली और गिरफ्तारी अधिपत्र जारी किया गया, लेकिन जिसका जवाब नहीं दिया गया।
नोटिस को दबाने एवं कोर्ट के कार्य में दखल देने के मामले को कोर्ट ने कर्मचारी अधिनियम के विरूद्ध माना। न्यायाधीश ने एसपी और डीएम बिलासपुर को आदेश किया कि वादी श्यामसुंदर को 18 नवंबर को कोर्ट में पेश कराएं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी किया कि न्यायालय के काम में दखल देने पर क्यों न दूसरी पत्नी के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए।