भारतीय रिजर्व बैंक कानपुर के क्षेत्रीय निदेशक विवेक दीप ने कहा कि सभी बैंक कम से कम तीन महीने में एक बार ग्राहक संगोष्ठी अवश्य करें। बिना किसी कोलैटरल के एक करोड़ तक का लोन जारी करें। उन्होंने लोगों से गुमराह करने वाले ईमेल, एसएमएस और अन्य लुभावने वादों से सतर्क रहने के लिए कहा।
वे शनिवार को आरबीआई की ओर से अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) सभागार में आयोजित फोरेक्स फार यू विषयक गोष्ठी में बोल रहे थे। क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि रिजर्व बैंक बगैर कोलैटरल के एक करोड़ तक लोन जारी करने को लेकर गंभीर है। यह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए बेहद आवश्यक है। कहा कि हम यहां के बैंकर्स से इस बारे में आवश्यक जानकारी लेंगे और कमी होने पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां उठने वाली बहुत सी समस्याओं का निराकरण बैंकों के कस्टमर मीट से संभव है, लेकिन शिकायत है कि अधिकतर बैंकों की ओर से कस्टमर मीट आयोजित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बैंकों को हर तिमाही ग्राहक गोष्ठी का आयोजन करने का निर्देश दिया। आरबीआई केंद्रीय कार्यालय मुंबई के विदेश विनिमय विभाग के महाप्रबंधक एओ बशीर ने कई निर्यातकों की बैंकों की सेवा शुल्क में असमानता की शिकायत पर कहा कि हम इसके लिए बैंकों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी नहीं कर सकते। लेकिन, निर्यातकों को सुझाव देंगे कि वे बैंकों से इस बारे में वार्तालाप करें।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को फर्जी योजनाओं, प्रस्तावों से बचने का आह्वान करते हुए उन्हें बताया गया कि कहीं भी धन लगाने अथवा किसी प्रलोभन में आकर किसी को धन देने से पूर्व शंकाओं का समाधान जरूर कर लें। साथ ही अपने साथियों, मित्रों और संबंधियों को भी जागरूक करें। बताया गया कि कोई गलत आचरण कर यदि आपसे धन ऐंठता है तो आरबीआई की वेबसाइट पर जाकर इसकी शिकायत भी कर सकते हैं। गोष्ठी में एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने निर्यातकों की समस्याओं की बिंदुवार बताया। इस पर आरबीआई कानपुर की महाप्रबंधक सुनंदा बत्रा ने जानकारी दी।
संगोष्ठी में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्हें आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए। एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन (ईसीजीसी) वाराणसी के प्रबंधक अरुण कुमार साहू ने भी निर्यातकों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षता एकमा अध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने की। संचालन आरबीआई कानपुर के स्वदेश सिंह ने किया। हाजी जलील अंसारी, एसी बरनवाल, राजाराम गुप्ता, हाजी अब्दुल हादी, एसएस तिवारी, शमीम आलम, अरशद वजीरी, भरतलाल मौर्य, आलोक बरनवाल, अब्दुल हमीद, उमेश कुमार शुक्ला, हाजी अब्दुल सत्तार, जेपी गुप्ता, एचएन मौर्य, तनवीर हुसैन, कमरुद्दीन अंसारी, मकसूद अंसारी, एसके सिनहा, शाश्वत पांडेय, वीके सिन्हा आदि रहे।