डीएम ने सुरियावां थाने में सुनीं जन शिकायतें
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भदोही जिले के सभी नौ थानों में शनिवार को समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसमें कुल 109 प्रार्थना पत्र आए और 13 का निस्तारण किया गया। 100 शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी रहीं। राजस्व विभाग के बढ़ते मामलों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। 100 में सिर्फ चार मामला ही निस्तारित हो सका।
डीएम शैलेश कुमार और एएसपी शुभम अग्रवाल ने सुरियावां थाने में पहुंचकर जन शिकायतें सुनी। कहा कि दूर-दराज से आने वाले फरियादियों की समस्याएं प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो पाए। डीएम ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार थानेदार काम करें। गर्मी में सभी थानों में पानी और छांव की समुचित व्यवस्था की जाए। जिससे लोगों को परेशान न होना पड़े। समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से एक सप्ताह के अंदर निस्तारण कराना सुनिश्चित कराएं।
इस दौरान डीएम और एएसपी ने सुरियावां थाने के कार्यालय,परिसर भोजनालय, शस्त्रागार, मालखाना अरौर महिला हेल्प डेस्क आदि का औचक निरीक्षण किया। औराई कोतवाली में समाधान दिवस एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। यहां पर कुल 15 मामले आए, जिसमें एक का निस्तारण किया गया। कहीं जमीन का बंटवारा तो कहीं जमीन पर कब्जे तो कहीं वरासत दर्ज न होने के अधिकतर मामले रहे।
इस मौके पर एसडीएम एसडीएम बरखा सिंह, प्रभारी निरीक्षक राम सरीख गौतम आदि रहे। ऊंज थाने में आए पांच मामलों में एक का भी निस्तारण नहीं हो पाया। दुर्गागंज में समाधान दिवस प्रभारी तहसीलदार अजय कुमार सिंह और थाना प्रभारी कमल टावरी ने शिकायतें सुनी। यहां कुल नौ मामले आए। जिसमें एक पुलिस और आठ राजस्व विभाग से जुड़ा रहा। दो शिकायतों का निस्तारण किया गया।
इस मौके पर हल्का लेखपाल मूलचंद, फकीरचंद, सत्येंद्र यादव, सुगना, अनीता त्रिपाठी आदि रहीं। पुलिस विभाग के मुताबिक नौ थानो में कुल 109 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें 100 राजस्व और नौ पुलिस से जुड़े रहे। नौ पुलिस और चार राजस्व शिकायतें निस्तारित की गई।
केस एक
चौरी थानाक्षेत्र के चौरीखास निवासी सैफ मंसूरी ने कहा कि पिछले छह महीने में करीब 24 बार संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया। सार्वजनिक कुएं और खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई, लेकिन पुलिस और राजस्व विभाग की टीम एक बार भी मौके पर नहीं पहुंची। जिससे उसका निस्तारण अब तक नहीं हो सका।
केस दो
सुरियावां के बहुता निवासी सत्य प्रकाश ने कहा कि उसकी जमीन की पैमाइश नहीं हो पा रही है। करीब 10 बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन आश्वासन देने के बाद न तो लेखपाल आ रहे और न ही पुलिस टीम। जिससे वह परेशान हो गया है।