दुर्गागंज। त्योहारी सीजन में सरकारी दफ्तरों में लापरवाही का बोलबाला हो गया है। अधिकारी और कर्मचारी मनमाने ढंग से कार्यालय आने और जाने की परिपाटी पर चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने अभोली खंड विकास कार्यालय का जायजा लिया तो वहां कई तरह की लापरवाही सामने आईं। 11 बजे तक मात्र दो कर्मचारी मिले, जबकि जनसमस्याएं सुनने का समय सुबह नौ से 11 बजे तक ही निर्धारित किया गया है।
आम आदमी को परेशानी का सामना न करना पड़ेे, इसलिए प्रदेश सरकार ने सभी विभाग के अफसरों को सुबह नौ से 11 बजे तक दफ्तर में बैठकर जन सुनवाई का निर्देश दिया है, लेकिन जिले में इसकी हालत ठीक नहीं है। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे अमर उजाला की टीम अभोली ब्लॉक में पहुंची तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संग दो कर्मी मौजूद मिले। सुबह नौ बजे दफ्तर तो खुल गया था, लेकिन 11 बजे तक अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
समस्या लेकर पहुंचे फरियादी झल्लूराम गौतम ने कहा कि एक माह से कुटुंब परिवार की नकल के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन अब तक नकल नहीं मिली है। सचिव की ओर से सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। कुढ़वा निवासी जयेश कुमार ने कहा कि 22 अक्तूबर को गांव में कोटे की दुकान को लेकर खुली बैठक आयोजित की जानी थी, लेकिन वह टल गई। अब ब्लॉक स्तर से लापरवाही बरती जा रही है। इसके कारण आए दिन कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। खंड विकास अधिकारी शांति देवी ने कहा कि ब्लॉक में जनता दर्शन की सुनवाई नहीं होती। 10 बजे तक अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय पहुंच जाते हैं।