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अपर मुख्य अधिकारी के खिलाफ ग्रामीण मुखर

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ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक के चंदापुर गांव में लगभग 12 वर्ष से जर्जर होकर उपेक्षित पड़े मार्ग के मामले में ग्रामीण अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के खिलाफ मुखर होकर डीएम तक पहुंचे। गांव निवासी राहुल देव पांडेय के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि मार्ग का निर्माण कराने में कार्यदायी संस्था जिला पंचायत विलंब कर रही है।
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लगभग 10 वर्ष पहले उक्त मार्ग का लेपन कार्य कराया गया था तब से अब तक रखरखाव के अभाव में मार्ग क्षतिग्रस्त होकर आवागमन में व्यवधान डाल रहा है। फरवरी 2021 में सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से मांग करने पर अपर मुख्य अधिकारी ने अपनी आख्या रिपोर्ट यह लगा दी कि ग्रामसभा की ओर से नाली का निर्माण कराया जा रहा है और जब तक नाली पूर्ण नहीं होगी तब तक मार्ग का निर्माण संभव नहीं हो सकता। जबकि मार्ग को नये सिरे से निर्माण कराने के लिए सांसद रमेशचंद बिंद ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रस्तावित भी किया है बावजूद इसके अनदेखी की जा रही है। चंदापुर को जोड़ते हुए मार्ग सीतामढ़ी मुख्य सड़क, जंगीगंज रेलवे स्टेशन, दरवांसी, सूफीनगर, गोधना, सुधवैं, मैलौना, राजापुर के लोगों का एकमात्र संसाधन रहा है। विषम परिस्थितियों में कोनिया के लगभग 50 तटवर्ती गांवों के लोग आवागमन कर राजमार्ग, जंगीगंज, गोपीगंज, सुभाषनगर, वहिदानगर, भीटी, बरौत, हंडिया, सुरियावां, जौनपुर, बादशाहपुर, प्रतापगढ़, जिगना, मांडा, चिलबिला तक पहुंचते हैं।
मात्र चार किलोमीटर के मार्ग पर चार हजार गड्ढे, उखड़ी गिट्टियां ही उसकी पहचान कायम रखी हैं और पूर्व में तैनात रही गांव की सरकार अभी तक नाली को पूरा न कराकर विवाद को बढ़ाया जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर निर्माण शुरू न होने पर ग्रामीण जनप्रतिनिधियों समेत जिला पंचायत का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में सुभाष भारतीय ने बताया कि नाली का निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रस्ताव पास करके सड़क निर्माण का कार्य पूरा करा दिया जाएगा। इस अवसर पर नागेंद्र चौबे, रोशन कुमार मिश्रा, आशीष मिश्रा, त्रिवेणी प्रसाद चौबे, दुर्गाप्रसाद पांडेय, जगदीश पांडेय, विनोद कुमार, कृष्णप्रसाद चौबे, आशुतोष चौबे आदि रहे।
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