चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल के लैब जाकर जांच कराने की सलाह दी। जिस पर दोनों युवक एबुलेंस की सुविधा मांगने लगे। चिकित्सकों ने बताया कि एबुलेंस की सुविधा केवल आपात स्थिति के मरीजों को दिया जाता है।
आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों युवक कहासुनी करने लगे और देखते ही देखते चिकित्सकों से गाली-गलौच और धक्का-मुक्की करने लगे और मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी कार्ड ने मामले को संभालना चाहा तो उसके साथ भी हाथापाई हुई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। चिकित्सकों ने दोनों युवकों के खिलाफ थाने में नामजद तहरीर दी और ओपीडी में गाली-गलौच व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
तकनीकी खामी से नहीं हो सकी सीवीसी जांच
बताया जा रहा है कि दोनों युवको को एमपी बिड्राल और सीवीसी जांच लिखी गई थी। दोनों अस्पताल के दूसरे तल पर बने लैब में पहुंचे तो एक जांच हो गया, लेकिन सीवीसी जांच नहीं हो सकी। जिसके बाद वह नीचे आया और चिकित्सक से बहस करने लगा। बहस के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि मशीन को तकनीकी दिक्कत से सीसीवी जांच प्रभावित थी। अन्य जांचें हो रही थी।
एक घंटे तक प्रभावित रही ओपीडी
अस्पताल में हंगामे और मारपीट के दौरान अस्पताल की ओपीडी करीब एक घंटे तक प्रभावित रही। चिकित्सक से लेकर स्वासथ्यकर्मी तक विवाद के कारण मरीजों को नहीं देख सके। हालांकि दोनों युवकों को पुलिस ने जब हिरासत में लिया। उसके बाद ओपीडी सुचारू हो सकी।
मारपीट में दोनों युवक भी घायल हुए थे। चिकित्सकों ने तहरीर दी थी। दोनों युवकों को बैठाया गया था। हालांकि बाद में युवकों ने माफी मांग ली है। दोनों पक्षों की सहमति के बाद दोनों को छोड़ दिया गया है। - अमित सिंह, प्रभारी निरीक्षक, गोपीगंज।