ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर जांच करती आरपीएफ।
- फोटो : BHADOHI
लालानगर। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-प्रयागराज रेलखंड स्थित ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर शनिवार को निरीक्षण के लिए आरपीएफ की टीम पहुंची। हालांकि इस दौरान एक भी दलाल पुलिस के हाथ नहीं लगा। कहा जा रहा था कि विभागीय मिलीभगत के कारण दलाल भनक लगते ही पतली गली से निकल लिए। टीम को एक बार फिर आरक्षण काउंटर पर कुछ नहीं मिला।
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम के लिए उक्त रेलखंड पर पैसेंजर सहित एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाकर मंडल प्रशासन मालगाड़ियों और पेट्रोलिंग तक सीमित रहा। लॉकडाउन के पांच माह बाद अनलॉक की घोषणा होने पर एक सितंबर से आरक्षण काउंटर को खोलकर यात्रियों को गाइडलाइन का पालन कराते हुए टिकट देने का दंभ तो भरा गया, लेकिन 33 दिन बीतने पर एक भी आरक्षित टिकट काउंटर से यात्री नहीं पा सके बल्कि वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करने को मजबूर हुए।
तीन शिफ्टों में टिकट हासिल करने के लिए दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले यात्री रात से ही लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जब तक काउंटर खुलता है, पहला टिकट भी वेटिंग आ जाने से यात्रियों को मायूस होकर लौटना प्रतिदिन की बात हो गई है। विभागीय मिलीभगत का परिणाम है कि दलाल थोक के भाव दिल्ली, मुंबई, सिकंदराबाद, अहमदाबाद, सूरत आदि स्थानों का टिकट हासिल कर मनमाने दर पर बेचते हैं। इसकी शिकायत यात्रियों ने मंडलीय प्रशासन से कर कार्रवाई की मांग भी की थी। शिकायत के बाद जब आरपीएफ टीम ने शनिवार की सुबह अचानक छापा मारा तो उस समय दलाल भाग गए। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने कहा कि शिकायत पर उच्चाधिकारियों की नजर है। निरीक्षण के समय हाथ लगने वाले दलालों पर सख्त कार्रवाई होगी। टीम में एसआई अभिषेक सिंह, सतीश तिवारी, महेंद्र सरोज, निसार अहमद आदि रहे।