प्रशिक्षक चंद्रेश राय ने बताया कि रोवर्स और रेंजर्स को सबसे पहले सहयोग और अनुशासन की सीख लेनी चाहिए। ऐसा होने से उनका आत्मबल बढेगा। उन्होंने छात्रों में शिष्टाचार पर बल दिया।
प्रशिक्षक ने कहा की छात्र जीवन या उसके बाद तमाम परिस्थितिया ऐसी आती है जब उससे निपटने के लिए खुद के अलावा कोई चारा नहीं बचता। तब उनके साथी और सहयोगी ही मदद को आगे आते हैं।
इसके बाद शिविर में गाढ़े समय में साथियों और सहयोगियों की मदद कैसे करें इसपर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। रोवर्स रेंजर्स को प्राथमिक उपचार का मतलब व कर्तव्य बताया गया।
जिसका छात्रों ने रिहर्सस भी किया।
प्रशिक्षण के दौरान रोवर्स रेंजर्स द्वारा देशभक्ति गीत, झंडा गीत तथा अन्य सांस्कृतिक कलाओं का भी प्रदर्शन किया।
प्राचार्य डा. यशवीर सिंह ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। रोवर्स प्रभारी डा.बृजेश सिंह व रेंजर्स प्रभारी डा.भावना सिंह ने भी मौजूद रह कर छात्र छात्राओ को शिष्टाचार का पाठ पढाया। डॉ. शेषधर दूबे, डा.हरिराम यादव, डा.वर्षा रानी, डा.रुस्तम अली, डा.माया यादव, डा.श्वेता सिंह, डा.गौतम गुप्ता, डा.पंकज यादव आदि उपस्थित रहे।