सुरियावां। रेलवे स्टेशन के पश्चिम तरफ रेलवे फाटक-42 की चौड़ाई 40 फीट से अधिक है, लेकिन अतिक्रमण के कारण फाटक से होकर बाजार में जाने वाली सड़क मात्र 8 फीट और 7 फुट में सिमट गई है। लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है। बाजार में जाने और निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अनजान हैं। यह रेलवे फाटक रोड बाजार में होकर सीधे बाईपास से होते हुए जौनपुर को जोड़ती है। सुरियावां नगर पंचायत 43 साल पहले अस्तित्व में आई है। जिले के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र सुरियावां की सीमाएं जौनपुर से जुड़ती हैं। इससे यहां जिले के साथ जौनपुर के सीमावर्ती गांवों के लोग भी बाजार करने के साथ अन्य कार्यों के लिए आते हैं। यह रेलवे फाटक रोड बाजार में होकर सीधे बाईपास को जोड़ती है। फाटक के दोनों तरफ जबरदस्त अतिक्रमण से अक्सर यहां जाम की समस्या देखने को मिलती है। नगर पंचायत के गठन के 43 सालों बाद भी अब तक समस्या के समाधान के बारे में नहीं सोचा गया। अब स्थिति ऐसी है कि चार पहिया वाहन तो इधर से गुजरते ही नहीं है। दो पहिया वाहन चालकों के चलने में ही जाम लग जाता है। सड़क सीधे जौनपुर मछली शहर को जोड़ती है। इसके अलावा दक्षिण तरफ प्रयागराज, जिला मुख्यालय की ओर जाती है।
किनारे बना दी नाली और पटरी पर अतिक्रमण
नगर पंचायत की ओर से आज से 40 साल पहले सड़क के दोनों किनारों पर नाली का निर्माण कराते हुए पटरी भी बना दी गई, लेकिन सड़क पर अतिक्रमण किये गए घरों को नहीं खाली किया गया। नगर पंचायत की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने के कारण ही दिन ब दिन सड़क सिकुड़ती जा रही है। 24 घंटे चालू रहने वाले सड़क पर आए दिन जाम की समस्या सामने आती है।
तीन किमी का लगाना पड़ता है अतिरिक्त चक्कर
स्थानीय रहवासी अनिल कुमार, राकेश, सुरेंद्र, हरिश्चंद्र मोहनलाल, जीवनदास, अमन कुमार, आनंद कुमार ने बताया कि शहर में आने-जाने का बस दो ही मार्ग हैं। बाजार से पुरानी बाजार तक की दूरी दो किमी है। पुरानी बाजार के लोगों को उत्तर जौनपुर की ओर जाना है तो तीन किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इससे पश्चिम रेलवे फाटक रोड जो बाजार की ओर जाता है। पूरी तरह की तरह से अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है।
वर्जन
मुझे आए हुए अभी कुछ ही दिन बीते हैं। मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा और राजस्व विभाग से जानकारी लूंगा। अगर सच में इतना अधिक अतिक्रमण है तो यह बहुत ही गंभीर बात है।
- सुजीत कुमार, अधिशासी अधिकारी, सुरियावां।