ज्ञानपुर। मूसलाधार बारिश भले ही अभी शुरू नहीं हुई हो लेकिन बाढ़ आपदा नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देेश जारी कर दिया गया है। नदियां उफनाई तो जिले के चिन्हित बाढ़ प्रभावित 193 गावों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। 24 बाढ़ चौकियों के माध्यम से लोगों को सहूलियत देने की कवायद की जा रही है। बाढ़ में जल प्लावन से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित होती है।
जिले के दक्षिणी छोर से गुजरी गंगा और उत्तरी छोर पर स्थित वरूणा और मोरवा नदी बारिश के दौरान उफान मारने लगती हैं। जलस्तर बढ़ने से सटे गावों में पानी पहुंचने लगता है। इससे लोगों को बाढ़ में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल भी बारिश के अच्छे आसार हैं जिससे जुलाई और अगस्त में नदियों से सटे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। बारिश के बाद ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, डीघ और औराई के 193 गांव के लोगों की धड़कने बढ़ जाती है। जिलाधिकारी विशाख जी ने बाढ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। बारिश में जलस्तर बढ़ने से नदियों का पानी गांव में पहुंच जाता है। जिससे जल प्लावन होने से कई कच्चे घर जमींदोज हो जाते हैं। पूर्व की तरह एक बार फिर बारिश से पहले बाढ़ और आपदा प्रबंधन ने कमर कस लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर 24 बाढ़ चौकियों के साथ ही पांच गोताखोर, 100 छोटी नाव, 64 बड़ी नाव की व्यवस्था की गई है।
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यहां स्थापित होती हैं बाढ़ चौकियां
ज्ञानपुर। औराई विकास खंड के डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर, डीघ के धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिंजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर, सुरियावां में करियावं, अबरना, सांडा, रामनगर, भदोही में सर्रोई, मूंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी और ज्ञानपुर के रमईपुर, मतेथू, कसियापुर, श्रीकांतपुर और भगवानपुर में बाढ़ चौकियां स्थापित की जाती हैं।
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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। पूर्ति विभाग, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
विशाख जी, डीएम भदोही