औराई ब्लाक के बरजी कला गांव में ग्राम पंचायत की ओर से कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ग्राम विकास अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कहा कि जांच में सहयोग न कर साक्ष्यों के साथ छेड़खानी की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर गांव के विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कहा कि गत जुलाई महीने में दो शपथ पत्र के जरिए ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी जांच में टाल मटोल कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डीएम कार्यालय से गत चार अगस्त को समिति बनाकर जांच का आदेश दिया गया।
इस पर अधिकारियों ने ग्राम विकास अधिकारी से साक्ष्य की मांग की, लेकिन वह टाल रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मृतक को जिंदा दिखाकर उसके नाम के जॉबकार्ड पर पैसे का भुगतान करा लिया गया है। यही नहीं डेढ़ सौ से दो सौ लोगों का फर्जी जॉबकार्ड बनाकर भुगतान कराया गया है।
मुरली उपाध्याय, रजनीकात, भानु प्रकाश, विजय कांत, राकेश मिश्रा, चंद्रमणि दुबे, विमल किंकर पांडेय, संत यादव, रामू उपाध्याय, मुन्नी, मोनू मिश्रा, संतोष उपाध्याय, विकास दुबे, मुमताज आदि शामिल रहे।
उधर, बरजी कला के ग्राम प्रधान शिवभूषण उपाध्याय ने ग्रामीणों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर उन्होंने कहा कि कुछ अराजक किस्म के लोग विकास कार्यों को प्रभावित करने के लिए झूठे शिकायती पत्र दे रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई शिकायती पत्र दिए, जिसकी जांच चल रही है और कोई अनियमितता नहीं सामने आई। कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए शिकायत की जा रही है। उन्होंने चुनाव तक जांच स्थगित रखने की मांग की।