ज्ञानपुर। छह स्कूलों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही 387 छात्र-छात्राओं के भविष्य पर भारी पड़ सकती है। समय रहते ध्यान न दिया तो बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के बाद भी उनका रिजल्ट रूक सकता है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर आंतरिक मूल्यांकन का प्राप्तांक तीन दिन के अंदर शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अंकित करने का निर्देश दिया। चेतावनी दिया कि अविलंब वेबसाइट पर अपलोड न करने पर सख्ती की जाएगी।
जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। 83 केंद्रो पर होने वाली परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 54 हजार 455 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा से महीने भर पूर्व सभी स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं कराई गई थी। जिसमें नैतिक, खेलकूद समेत अन्य विषयों की प्रायोगिक और लिखित परीक्षा कराई गई। प्रायोगिक परीक्षा के बाद आंतरिक मूल्यांकन कर छात्र-छात्राओं के नंबर को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना था। जिससे बोर्ड परीक्षा संपन्न होने के बाद छात्र-छात्राओं के अंकपत्र में उसे जोड़कर उनका रिजल्ट जारी किया जाता। अधिकतर स्कूलों की ओर से वेबसाइट पर आंतरिक मूल्यांकन के नंबर को अंकित कर दिया लेकिन इंटरमीडिएट में पंडित रामनरेश इंटर कॉलेज सरावां 132 छात्र-छात्राओं, हाईस्कूल में यूनिक पब्लिक स्कूल जोरईं ने पांच, रामनरेश इंटर कॉलेज सरावां ने 130, एपीजे अब्दुल कलाम हाईस्कूल अहरपुर ने दो, सर्वोदय बालिका हाईस्कूल रेवड़ा परसपुर ने 110, मां हुबराजी देवी रघुनाथ हाईस्कूल फत्तूपुर ने छह छात्र-छात्राओं का आंतरिक मूल्यांकन अंकित नहीं किया। विभागीय स्तर से सख्त हिदायत देते हुए तीन दिन में वेबसाइट पर प्राप्तांक को अंकित करने का निर्देश दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने कहा कि प्रधानाचार्यों को नोटिस भेजकर आंतरिक मूल्यांकन को जोड़ने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी।