राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने महिला जनप्रतिनिधियों की जगह उनके प्रतिनिधियों के बैठक में आने पर नाराजगी जताई। कहा कि शासन के निर्देश के बाद भी ग्राम पंचायतों से लेकर नगरों में प्रतिनिधि ही हर जगह पहुंचते हैं।
यह गलत धारणा है। अधिकारी इस परंपरा को समाप्त करें। बृहस्पतिवार को राजकीय गेस्ट हाउस में पहुंची आयोग की सदस्य काफी तल्ख दिखीं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिलाएं आगे बढ़ें, लेकिन आज भी उनकी जगह कोई दूसरा ही काम करता है।
गेस्ट हाउस में एसपी अभिमन्यु मांगलिक, डीडीओ ज्ञान प्रकाश, एसडीएम अरूण गिरी एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में महिलाओं की बात सुनी। उन्होंने कहा कि युवा, देश का भविष्य है। वर्तमान में हम सभी को मिलकर महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की समीक्षा किया और उसे जरूरतमंदो तक पहुंचाने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि महिला हितों व महिलाओं को न्याय दिलाने के प्रति पुलिस विभाग प्रतिबद्ध है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, रानी लक्ष्मीबाई एवं बाल सम्मान कोश, विधवा पेंशन, वन स्टॉप सेंटर इत्यादि के बारे में जानकारी दी। समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की प्रगति बताई।
आयोग की सदस्य के समक्ष इस दौरान घरेलू हिंसा, पारिवारिक समस्या, महिला उत्पीड़न जैसी 32 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें चार का निस्तारण किया गया।
तहसील ज्ञानपुर सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने डीपीआरओ संजय कुमार मिश्र को निर्देशित किया कि सामुदायिक शौचालयों का केयर टेकर कोई महिला ही हों ये सुनिश्चित किया जाए।
डीआईओएस अंशुमान और बीएससी को सभी विद्यालयों में शौचालय, साफ सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस मौके पर एएसपी डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ चमन सिंह चावड़ा, प्रभारी डीपीओ मंजू वर्मा, महिला थाना प्रभारी सीमा सिंह, राजकुमार गुप्ता, विवेक गुप्ता, गोपाल कृष्ण यादव आदि रहे।