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Bhadohi News: पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण दिखने पर तत्काल सूचना दें

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बलिया में पशुओं में लंपी वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जनपद में पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। पशुपालन विभाग ने सभी 11 डॉक्टरों, 70 पैरावेटे और नौ पशुधन प्रसार अधिकारी को अलर्ट कर दिया है। विभाग ने पशुपालकों को आदेश दिया है कि पशुओं में लंपी के लक्षण दिखते ही तत्काल सूचना दी जाए। साथ ही टीका भी लगाया जाएं। लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में महिषवंशीय और गोवंशों की संख्या 2.20 लाख है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सचान ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज विषाणुजनित रोग है। इसमें पशुओं में तेज बुखार, आंख और नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ आदि लक्षण मवेशियों में पाए जाते हैं। कभी-कभी संपूर्ण शरीर की चमड़ी विशेष रूप से सिर, गर्दन, थूथन, थनों, गुदा आदि में गांठ बन जाता है।
शरीर में दाने दाने निकल आते हैं। इससे संक्रमण का खतरा भी रहता है। बताया कि जिले में अब तक एक भी लक्षण नहीं मिले हैं। बीमारी को लेकर डाॅक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है। बीमारी की चपेट में आने के बाद पशुओं को श्वसन पथ में घाव होने से सांस लेनेे में दिक्कते होती है। पशुओं का वजन निरंतर कम होने लगता है। शरीर कमजोर हो जाती है, इस बीमारी में गर्भपात भी हो सकता है, दुधारू गायों में दूध कम हो जाते हैं। लंपी वायरस से ग्रसित होने पर पशुओं का शरीर कमजोर हो जाती है। समय से टीकारण का जरूरी है। कभी कभी पशु की माैत भी हो जाती है। संवाद
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