हमले में त्रंयबकेश्वर पांडेय तो बच गए, लेकिन रामेश्वर पांडेय की मौत हो गई। पूर्व सांसद के भतीजे रामकृष्ण पांडेय ने दोनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इसी मामले में छह जून 2002 को विधायक पेशी पर आए थे। आरोप है कि इस दौरान विधायक समेत उनके भतीजे मनोज मिश्रा उर्फ लाला, गुलाब शंकर मिश्रा और रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी व आद्या प्रसाद ने रामकृष्ण को जान से मारने की धमकी दी। जिस मामले में पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
इस मामले में फरवरी 2025 में एमपीएमलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पूर्व विधायक समेत छह को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद पूर्व विधायक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दाखिल किया। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश पुष्पा सिंह ने सजा को निरस्त कर दिया।