वक्ताओं ने सपा के जनप्रतिनिधियों पर मनमानी का आरोप लगाया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए 33 फीसदी भी नष्ट फसल होने पर पूरा मुआवजा देने के लिए करोड़ों रुपये प्रदेश सरकार को दिया, लेकिन प्रदेश सरकार ने किसानों के पैसे में धांधली की। लोकसभा चुनाव में जहां से सपा को वोट कम मिले थे, वहां के किसानों को जान बूझकर आपदा राहत का चेक नहीं दिया गया। सत्ताधारी दल के नेताओं, राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से आपदा राहत चेक के पैसे में धांधली की गई। आगामी पंचायत चुनाव में धांधली के लिए मनमानी ढंग से लोगों का सूची से नाम कटवा दिया गया।
पूर्व प्रत्याशी डा. राकेश दूबे ने कहा कि प्रदेश सरकार के मनमानी से जरूरतमंद किसानों को दस माह बाद भी राहत चेक नहीं मिल सका। उन्होंने जिले में हजारों किसानों को अविलंब राहत चेक दिलाने, मतदाता सूची में कटे नाक को जोड़ने और दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इसी तरह जिला प्रभारी वृजेेंद्र राय, पूर्व मंत्री दीनानाथ भाष्कर, नागेंद्र सिंह, भाजपा महिला मोर्चा काशी प्रांत की महामंत्री सपना दूबे, डा. आरके पटेल, अखिलेश्वर प्रताप सिंह, सुनील मिश्र, ओम प्रकाश पांडेय, विनीत बरनवाल, चंद्रूलाल चंद्राकर, बाबूराम बिंद, घनश्याम, हीरालाल, प्रदीप सिंह, विनय पांडेय, पंकज पांडेय, दयाशंकर मिश्र, अवधेश कुमार उमरवैश्य सहित कई लोग मौजूद रहे।