ज्ञानपुर। महामारी का खौफ तेज होने के कारण अब विशेष ट्रेनों और लक्जरी बसों से आने वाले प्रवासियों की संख्या भी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। रविवार को पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर डाउन से आई पवन, पटना, जनसाधारण विशेष ट्रेन से उतरे आठ प्रवासियों ने मुख्य गेट पर पंजीकरण कराया तो 80 से अधिक बैक डोर से घर निकल गए।
राजमार्ग पर भी लक्जरी वाहनों से लगभग 12-15 की संख्या में महिला-पुरुष प्रवासी उतर कर पैदल घर की ओर रवाना हुए। जांच पर लोगों ने सवाल उठाया कि 15 अप्रैल से जिले में डेढ़ हजार से अधिक लोगों की रिपोर्ट पाजीटिव आने, अधिकारियों-कर्मचारियों समेत कई लोगों की मौत के बाद भी प्रवासी बिना जांच कराए घर पहुंचने में लगे हैं, जो एक-दो दिन घर पर रहकर बाजार, चौराहा-तिराहा स्थित चाय-पान की दुकानों पर दस्तक देकर महामारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब कोई विरोध करने की कोशिश करता है उससे वाद-विवाद कर शांत रहने की हिदायत दी जाती है। बावजूद इसके न ब्लाक स्तरीय टीम औराई, भदोही, डीघ, सुरियावां, भदोही अंतर्गत आने वाले नगर, गांव में आकर प्रवासियों की सुधि नहीं ले पाती। इसका मुख्य कारण है कि स्टेशन से लेकर राजमार्ग तक खुले जांच केंद्रों पर तैनात कर्मचारी किसी के साथ सख्ती नहीं दिखाते। दूसरा कारण जो सामने आया है वह सुरक्षा कर्मियों की कमी और महामारी का डर है। ट्रेन में जगह मिले या न मिले अहमदाबाद, गुजरात, महाराष्ट्र, सूरत, नईदिल्ली, कानपुर, लखनऊ से बिहार, पटना की ओर रफ्तार भरने वाली बसों में टिकट की बुकिंग करा लेते हैं। ज्ञानपुररोड स्टेशन पर ठहराव लेकर वाराणसी जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में न गाइड लाइन का पालन देखा जा रहा है न उतरने वाले समझदारी दिखा रहे हैं। बस हो या ट्रेन खचाखच लौटने में कमी नहीं है। ज्ञानपुररोड स्टेशन पर तैनात एलटी पंकज आर्य, अमीन सनी सिंह ने बताया कि तीन विशेष ट्रेन रुकी और दोपहर तक आठ लोगों ने अपना नाम और पता दर्ज कराया है।