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10.30 लाख का घोटाला, एडीओ के निलंबन की संस्तुति

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फत्तूपुर गांव में पंचायत भवन का निर्माण कराए बगैर फर्जी अभिलेख के जरिये 10 लाख 30 हजार 294 रुपये निकाल कर खर्च करने के मामले में डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने एडीओ अभोली नन्हेलाल बिंद को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए निदेशक पंचायत राज को पत्र लिखा है।
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जिले की 546 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर 2020 में समाप्त हो गया था। इसके बाद शासन के निर्देश पर सभी छह एडीओ प्रशासक बनाए गए थे। प्रशासकों ने मौका मिलने पर दोनों हाथ से धांधली की। नई ग्राम पंचायत का गठन होने के बाद अब एक-एक मामला खुल रहा है। करीब 45 लाख की घपलेबाजी में महीने भर पूर्व डीघ के एडीओ पंचायत अजय पांडेय पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। अब अभोली एडीओ पंचायत नन्हेलाल बिंद भी फंस गए हैं। फत्तूपुर निवासी ओमप्रकाश ने फरवरी 2021 में आइजीआरएस पर गड़बड़ी की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर त्रिस्तरीय जांच टीम ने जांच की। इस दौरान फत्तूपुर गांव में बिना पंचायत भवन का निर्माण कराए फर्जी अभिलेख से 10 लाख 30 हजार 294 आहरित करने का मामला सामने आया। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने एडीओ अभोली नन्हेलाल बिंद के निलंबन की संस्तुति की। पूर्व प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया है जबकि सचिव मुकेश सरोज पहले ही शौचालय, मनरेगा में गड़बड़ी के चलते निलंबित चल रहे हैं। यह इकलौता मामला नहीं है। कई ग्राम पंचायतों में धांधली करने पर अबतक तीन सचिवों को भी निलंबित किया जा चुका है।
एडीओ डीघ पर दर्ज नहीं हो सका मुकदमा
ज्ञानपुर। जिले की 11 ग्राम पंचायतों में 45.33 लाख के घोटाले में एडीओ डीघ अजय पांडेय भले ही निलंबित हो चुके हैं, लेकिन जालसाजी के मामले में पांच महीने बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने पांच महीने पूर्व कोइरौना थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन मामला अभी तक थाने की फाइलों में दबा है। इस प्रकरण का जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने संज्ञान लिया था।
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