सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाडि़यों ने करीब एक घंटे मशक्कत कर आग को बुझाया।
कंसापुर गांव निवासी उमाशंकर उपाध्याय के परिवार वाले शनिवार को अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक एक कमरे से आग की लपटें देख लोग परेशान हो गए।
आनन-फानन में घरों से बाहर निकलकर शोरगुल मचाया। शोरगुल सुनकर वहां पर सैकड़ो की संख्या में पहुंचे लोगों ने बाल्टी आदि से आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन गर्मी में आग
की लपटें विकराल होने लगीं।
सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी आग बुझाने के लिए गई। एक गाड़ी से आग न बुझती देख दूसरी गाड़ी मंगाई गई। दोनों गाडि़यों से करीब एक घंटे तक मेहनत की गई तो333 आग बुझी, लेकिन तब तक दो कमरों में रखा हजारों का अनाज जलकर राख हो गया।
पीडि़त के मुताबिक 25 कुंतल गेहूं, पांच कुंतल सरसों, सात कुंतल आलू, बीस कुंतल भूसा, पांच कुंतल मटर, तीन कुंतल अरहर और चारपाई आदि जल गए। पीडि़त के अनुसार डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान हुआ।