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25 हजार हेक्टेयर फसल पर बारिश, ओले की मार

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बारिश और तूफान से अभोली के भौथर गांव में गिरी गेहूं की फसल। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। तीन दिन की बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने खेतीबारी को तबाह कर दिया है। जिले भर में 25 हजार हेक्टेयर फसल कुदरत के कहर की भेंट चढ़ गई। इससे गेहूं की उपज भी 40 फीसदी तक घटने की आशंका से किसान चिंतित हो उठे हैं। वज्रपात से उपज पर भारी चोट पहुंचने के कारण दाल-रोटी के भी लाले पड़ने की नौबत आ सकती है।
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बुधवार रात से शुरू हुई आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने जिले में भारी तबाही मचाई। शुक्रवार तक जगह-जगह ओले गिरे और आंधी से फसलें गिर गईं। दो सौ से तीन सौ ग्राम तक के ओले गिरने से दलहनी और तिलहनी फसलों के फूल और फलियां झड़ गईं। इससे किसानों की गाढ़ी की कमाई मिट्टी में मिल गई। शासन की सख्ती पर जिला प्रशासन ने क्षति की आकलन रिपोर्ट भेजी है, जिसमें भदोही और औराई तहसीलों में 35-35 फीसदी के आसपास नुकसान दर्शाया गया है। ज्ञानपुर तहसील का आंकड़ा अभी आया नहीं है, मगर वहां भी लगभग इतना ही नुकसान बताया जा रहा है। जबकि वास्तव में धरातल पर किसानों को भारी क्षति हुई है। सब्जी की फसल जहां पूरी तरह बर्बाद हो गई, वहीं चना, मटर, अरहर और सरसों को ओलों की मार ने भारी नुकसान पहुंचाया।
इसी तरह आम और अन्य फसलें भी बर्बाद हुईं हैं। जिले में 55 हजार हेक्टेयर गेहूं, आठ हजार में दलहन-तिलहन के अलावा सब्जी और अन्य फसलों को लेकर कुल लगभग 70 हजार हेक्टेयर में कृषि-बागवानी की खेती की गई है। इसमें अगर प्रशासन के आंकड़े के मुताबिक 35 फीसदी नुकसान भी ले लिया जाए तो 24 हजार 500 हेक्टेयर रकबे की खेतीबारी ओलावृष्टि से चौपट हो गई है। हालांकि वास्तव में यह आंकड़ा कहीं ज्यादा है। उधर किसानों का कहना है कि धान की फसल अतिवृष्टि के कारण लगातार पानी में डूबे रहने से चली गई। अब ओलावृष्टि से गेहूं और दलहन-तिलहन भी बर्बाद हो गई तो दाल-रोटी का जुगाड़ भी मुश्किल हो जाएगा। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि तहसीलों से सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है। भदोही और औराई में 35 फीसदी के आसपास क्षति हुई है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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