ज्ञानपुर (भदोही)। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण शुक्रवार की दोपहर 1: 30 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब एक घंटे तक 45 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से अपराह्न 3:25 बजे तक झमाझम बारिश हुई। चौरी में बिजली गिरने से प्राइस पाल (10) की मौत हो गई। वह घर के बाहर खेल रहा था। बिजली गिरने के कारण वह झुलस गया। परिजन उसे चौरी सीएचसी लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वह चौरी बाजार स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में कक्षा तीन में पढ़ता था। वह दो भाइयों में बड़ा था। पिता दिनेश पाल ऑटो चलाते हैं। बेटे की मौत से मां रीता देवी सदमे में हैं। बार-बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो जा रही हैं। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं, दुर्गागंज के बौरी बोझ गांव में शुक्रवार को आंधी चलने के कारण आम का पेड़ गिर गया। उसमें दबकर भागीरथी बिंद के भैंस की मौत हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से आम की टहनियों को हटाया, लेकिन भैंस को बचाया नहीं जा सका। ग्राम प्रधान अशोक कुमार की सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचकर जांच किए।
सुरियावां और ज्ञानपुर में 55 मिनट हुई बरसात
जिले के सुरियावां, चौरी, बाबूसराय, दुर्गागंज, मोढ़, ज्ञानपुर, महाराजगंज, अभोली और खमरिया क्षेत्र में 50 से 55 मिनट तक बरसात हुई है। वहीं, जिले के अन्य क्षेत्रों में सिर्फ बूंदाबांदी हुई है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान 37 डिग्री से घटकर 32 तक पहुंच गया है। शुक्रवार की सुबह में मौसम साफ था। दोपहर 1:30 बजे से आसमान में बादलों ने डेरा डाला। फिर एक घंटे बाद मौसम का मिजाज बदल गया।
15 फीसदी कम होगा पिछैती गेहूं का उत्पादन
बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि 13 दिन में चार बार हुई बारिश से पिछैती गेहूं का उत्पादन 15 फीसदी कम होगा। अप्रैल के पहले सप्ताह में पांच साल बाद झमाझम बारिश हुई है। गेहूं और सरसों की फसल भीगने से गुणवत्ता 45 फीसदी तक खराब होने का अनुमान है। आगामी सीजन में गेहूं की बोआई करने पर फसल का अंकुरण अच्छे ढंग से नहीं होगा।
एक नजर में जिले की खेती-बारी का हाल
- लघु सीमांत किसान - 2.50 लाख
- परंपरागंत खेती वाले किसान : 02 लाख
- सरसों की खेती - 100 हेक्टेयर
- चना की खेती - 150 हेक्टेयर
- गेहूं की खेती - 70 हजार हेक्टयर
कब कितनी हुई बारिश
- 03 अप्रैल - 5.1 मिलीमीटर
- 01 अप्रैल - 07 मिलीमीटर
- 28 मार्च - 2.2 मिलीमीटर
- 22 मार्च - 5.5 मिलीमीटर
नोट : ये आंकड़े मौसम विभाग ने जारी किए हैं।
किसानों की पीड़ा
पांच बीघे में गेहूं की बोआई किया हूं। हार्वेस्टर ढूंढ रहा था, नहीं मिला। बारिश के कारण फसल खेत में गिर गई है। नुकसान हुआ है। फसल गिरने के कारण कटाई में अब परेशानी होगी। मड़ाई कार्य भी प्रभावित होगा। -
वीरेंद प्रताप निवासी बहुता चकडाही
तीन बीघे में गेहूं की खेती किया हूं। कटाई पूरी हो गई है, अभी मड़ाई चल रही है। बारिश में भीगने के कारण गेहूं के दाने काले हो जाएंगे। भूसा भी पीला होने का अनुमान है।
-
सुभाष चंद्र सिंह निवासी बलीपुर
तीन बीघे में गेहूं की खेती किया हूं। फसल तैयार हो गई है। पानी बरसने से दाने काले पड़ जाएंगे। भूसा खराब होने से सबसे बड़ा संकट पशुओं के सामने होगा। कारण कि पशु पीला भूसा नहीं खाते हैं।
- शंभू नाथ चौहान निवासी अर्जुनपुर
साढ़े तीन बीघे में गेहूं की बोआई किया हूं। इसमें 10 बिस्वा फसल की कटाई हो चुकी है। गठ्ठर नहीं बनाया था। बरसात होने के कारण फसल भीग गई। खड़ी फसल पककर तैयार हो गई है। -
रामआसरे यादव निवासी बनपुरवा
मृतक प्राइस पाल। फाइल फोटो