पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोम के सक्रिय होने के कारण जनपद में शुक्रवार की भोर में अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा और गरज-चमक के साथ जिले में 2.5 एमएम बारिश हुई है। इस कारण अधिकतम तापमान में 6.5 डिग्री की कमी दर्ज की गई है। लगभग 14 दिन बाद लोगों को धूप से राहत मिली है। हालांकि, बदले मौसम ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बारिश से सरसों की फसल को 40 फीसदी और गेहूं की फसल को 10 फीसदी नुकसान हुआ है। इस बारिश से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। वहीं, तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। बारिश से गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं। अभी पैदावार पर असर नहीं पड़ेगा। नई बाजार, देवानाथपुर, दुर्गागंज, सुंदरवन कटेवना में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। जबकि जनपद के अन्य क्षेत्रों में सिर्फ बूंदाबांदी हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, शुक्रवार को 28.7 डिग्री अधिकतम और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पैदावार पर कोई असर नहीं, गुणवत्ता होगी प्रभावित
कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। वहां किसान सरसों की कटाई करके खेत में छोड़ दिए थे। जो बारिश से भीग गई है। उसके उत्पादन पर असर नहीं पड़ेगा। भींगने से उसकी गुणवत्ता 40 फीसदी तक खराब हो गई है। अगले सीजन में जब सरसों के बीज की बोआई की जाएगी, तो उसका अंकुरण अच्छा नहीं होगा। जिले में करीब 80 से 100 हेक्टेयर में सरसों की खेती होती है। यही हाल गेहूं की फसल की है।
बीते चार साल में मार्च में हुई बारिश
2026 - 2.5 एमएम
2025 - 6.5 एमएम
2024 - 5.1 एमएम
2023 - 10.1 एमएम
2022- 2.1 एमएम
नोट - आंकड़े मौसम विभाग से लिए गए हैं।
बीते पांच दिन का तापमान
दिनांक - अधिकतम - न्यूनतम
20 मार्च - 28.7 - 19
19 मार्च - 35.2 - 19.7
18 मार्च - 35.8 - 20.1
17 मार्च - 35.1 - 19.3
16 मार्च - 33.3 - 18.7
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।
एक नजर में जिले की खेती-बाड़ी
लघु सीमांत किसान - 2.5 लाख
परंपरागंत खेती वाले किसान : 02 लाख
सरसों की खेती - 100 हेक्टेयर
गेहूं की खेती - 70 हजार हेक्टयर