ज्ञानपुर। भारी बारिश से शुक्रवार को जिले में सैकड़ों मकान गिर गए। इसमें दबकर चौरी में जहां पति-पत्नी की मौत हो गई, वहीं कोइरौना में एक बाइक मिस्त्री की मौत हो गई। मकान गिरने से भारी नुकसान हुआ।
चौरी थानाक्षेत्र के कंधिया गांव की दलित बस्ती निवासी मनबोध (45), पत्नी सीता (40) और पुत्री पुनीता (20) के साथ बृहस्पतिवार की रात टीनशेड में सो रहा था। रात लगभग 11 बजे पड़ोस के कच्चे मकान की दीवार टीनशेड पर गिर गई। इससे तीनों उसी में दब गए और पूरी रात दबे रह गए। बारिश और गरज-चमक के चलते किसी को इसका पता नहीं चला। भोर में शौच के लिए उठे ग्रामीणों ने दर्दनाक मंजर देखा तो दंग रह गए और दीवार के नीचे दबे लोगों को निकालने में लग गए। ग्रामीणों ने तीनों को लेकर भदोही के सरकारी अस्पताल में गए, जहां चिकित्सकों ने मनबोध और उसकी पत्नी सीता को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल पुत्री का इलाज शुरू कर दिया गया है। सूचना पाकर एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल और चौरी पुलिस भी मौके पर पहुची।
वहिदानगर: कोइरौना थानाक्षेत्र के केवटाही गांव के पास शुक्रवार सुबह एक ईंट भट्ठे के सामने जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग पर तेज बारिश के चलते अचानक गिरे आम के पेड़ की चपेट में आने से थाना क्षेत्र के मझगवां गांव निवासी रमेश बिंद (35) पुत्र राजनारायण बिंद की मौत हो गई। वह बाइक मिस्त्री था। सूचना मिलते ही घर मे कोहराम मच गया बताते हैं कि शुक्रवार की सुबह लगभग 7.30 बजे वह घर से साइकिल से केवटाही गांव में जा रहा था। जैसे ही ईंट भट्ठे के सामने पहुंचा कि सड़क किनारे स्थित विशालकाय आम का पेड़ उसके ऊपर गिर गया। इसके नीचे दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची कोइरौना पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी पत्नी जुगनी देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहाद। मृतक दो लड़के और एक लड़की का पिता था। वह बरौत बाजार में बाइक मैकेनिक था।
औराई क्षेत्र के अछवर गांव में संत लाल प्रजापति, वंशीधर मौर्य, मोहन लाल विश्वकर्मा, श्रीधर विश्वकर्मा, छोटेलाल बिंद के मकान गिर गए। इससे परिवार के सामने बारिश में सिर छिपाने का संकट आ गया।
ऊंज: अनवरत बारिश की चपेट में आकर डीघ क्षेत्र में दर्जनों रिहायशी घर गिर गए, जिससे मलबे में दबकर गृहस्थी के लाखों के सामान नष्ट हो गए। दरवांसी गांव निवासी बैजनाथ बिंद, शोभनाथ बिंद, मुल्ला अली, रामलाल पासी, संतोष पासी, कैलाश सिंह, अशोक बिंद, इंद्रजीत बिंद आदि के छप्परनुमा घर देखते ही देखते गिर गए। बारिश के बीच ही पीड़ित परिवार सामानों को बचाते में लगा रहा, लेकिन गेहूं, चावल, कपड़े, चारपाई आदि सामान हाथ नहीं लग सके। इसी तरह कैलाश सिंह नेता का भारी भरकम भुसौवल अचानक जमींदोज हो जाने से अंदर रखे हजारों रुपये के सामान नष्ट हो गए। इसी तरह रामकिशुनपुर-बसहीं, कुरमैचा, नवधन-नटबस्ती, ऊंज-मुंगरहा, गोधना, दौरि याही, सूफीनगर-नईबस्ती, मैलौना-मुस्लिम बस्ती, सुधवै-मुस्लिम बस्ती, रजमला, कोइरौना बाजार, इटहरा, गोपालापुर-कलिंजरा आदि गांव स्थित विभिन्न बस्तियों में भी घरों के गिरने का सिलसिला अनवरत जारी रहने से परिवारों में अफरातफरी मची रही।
लालानगर: गोपीगंज थानाक्षेत्र के पूरे रजई गांव में खपरैल का मकान धराशायी हो गया। इसमें भारी नुकसान हो गया। संयोग था कि जिस समय मड़हा गिरा, परिवार के लोग उसमें नहीं थे। भुक्तभोगी का घर गिरने पर ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग की मांग की है।
मोढ़: मोढ़ में सनीउल्ला का आशियाना बारिश से गिर गया। लक्ष्मीपुर, लक्ष्वापुर बिंद बस्ती में राजकरन बिंद, रामसागर जबिंद, रामकरन बिंद, शिवसागर बिंद सहित कई लोगों का मकान दालान गिरकर ध्वस्त हो गया। मकनपुर निवासी रमेश दुबे, राजमणि दुबे, शेषमणि दुबे, सूर्यमन दुबे आदि का मकान भी धराशायी हो गया। चारों तरफ पानी ही पानी तबाही का मंजर बयां कर रहा था। पक्के मकान भी तेज बारिश से रिसने लगे। मकनपुर, चकजुरानी, नरोत्तमपुर, हरिपट्टी बनकट, चमरूपट्टी, डुहिया आदि गांवों में भी बारिश से नुकसान हुआ।
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