सीतामढ़ी। भारी बारिश ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। महज 12 घंटे की तेज बारिश से सीता समाहित स्थल मंदिर के निचले तल में बारिश का पानी भर गया। मंदिर के अंदर पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन यह पहली बार देखा गया है कि निचले तल का पूरा हिस्सा बारिश के पानी से लबालब हो गया। ऐसी स्थिति पिछले दो दशक में कभी भी नहीं देखी गई थी।
नारेपार की शुक्लान बस्ती में घुटने तक पानी भर गया। बस्ती निवासी जगदीप शुक्ला का रिहायशी मकान भरभरा कर गिर गया। बनकट की तिवारी बस्ती सहित कुछ बस्तियों में बारिश का पानी भर जाने से ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सीतामढ़ी स्थित मां जानकी पेट्रोल पंप की लगभग 100 फीट की बाउंड्री गिर गई। इसी तरह इटहरा स्थित शिवकरन मिश्र इंटर कॉलेज की लगभग 40 फीट बाउंड्री बारिश के पानी से गिर गई। इसी गांव के कमला शंकर मिश्रा की पक्की दालान गिर गई। बारीपुर गांव में आधा दर्जन गरीबों का मकान बारिश के पानी से गिर गया है। गांव के सुभाष दुबे, फूलचंद, अशोक, मुन्नन हरिलाल आदि गरीबों के रिहायशी मकान गिर गए। समाजसेवी राहुल दुबे और डीघ ब्लॉक प्रमुख नीता स्वर्णकार के पति विष्णु सेठ ने क्षेत्र के कई गांव में जाकर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया और गरीबों को जिला प्रशासन से मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया।
गुल रही कोनिया क्षेत्र की बिजली
सीतामढ़ी। भारी बारिश के कारण विद्युत उपकेंद्र सीतामढ़ी के अंतर्गत पूरे कोनिया क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। पिछले 24 घंटे से बिजली के दर्शन तक नहीं हो पाया, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ीं। पेयजल के लिए लोगों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
इसी तरह लोगों के मोबाइल फोन बंद पड़ गए हैं 15 किलोमीटर दायरे के भारी-भरकम क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से तहस-नहस हो गई है। बिजली की समस्या लगभग एक सप्ताह से अधिक समय से चल रही है। जरा सी बारिश होते ही पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद पड़ जाती है। जर्जर तार और पोल बिजली आपूर्ति में लिए नासूर बन चुके हैं। आए दिन तार टूटने और तकनीकी फॉल्ट के चलते पूरे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो चली है। ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। इसी तरह बिजली न आने से पेयजल इकाइयां मठहा, डीघ और इटहरा पूरी तरह से बंद पड़ गई हैं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए के किल्लत झेलनी पड़ रही है। समाचार दिए जाने तक नारेपार, सीतामढ़ी, बनकट, मनोहरपुर, कुड़वा, डीघ, इटहरा, अरई, खेमापुर, कूड़ी कला, कुड़ी खुर्द, शेरपुर, बहपुरा, धनतुलसी, कलातुलसी, हरीरामपुर, छेछुआ, भुर्रा, कलिक मवैया, बसगोती मवैया, छेछुआ, भुर्रा, कलिक मवैया सहित दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद रही।
संचार सेवा ने भी दिया जवाब
सीतामढ़ी। कोनिया क्षेत्र में संचार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भारत संचार निगम लिमिटेड बीएसएनल की स्थिति कोमा जैसी हो गई है तो एयरटेल, वोडाफोन, और जिओ की सेवाएं भी बेदम नजर आती दिखीं। नेटवर्क में भारी दिक्कत के चलते जहां वॉइस कॉल करना टेढ़ी खीर साबित हो रही है। इंटरनेट सेवाएं ध्वस्त होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इंटरनेट सेवाओं की धीमी गत िके कारण क्षेत्र की बैंकिंग सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसी तरह लोगों को मोबाइल में इंटरनेट का नेटवर्क ढूंढने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।