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रेलवे कॉलोनी : हादसे का सिग्नल दे रहे जर्जर भवन, डर-डर कर जी रहे रेलकर्मी

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ज्ञानपुर रोड रेलवे कॉलोनी की जर्जर छत। संवाद
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जिले में ज्ञानपुर और भदोही में रेलकर्मियों के लिए रेलवे कॉलोनियां बनाई गई हैं। भदोही में 60 तो ज्ञानपुर में 100 साल पुराने भवन जर्जर हो गए हैं।
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बारिश में जर्जर भवनों की टपकती छतें और दरकतीं दीवारें हादसे का सिग्नल दे रही हैं। रेलवे कर्मी मरम्मत कराकर रह रहे हैं। बुधवार को हमारी टीम ने ज्ञानपुर रोड, भदोही स्टेशन और माधोसिंह में रेलवे काॅलोनियों की पड़ताल की।
कहीं भवनों की छत जर्जर मिली तो कहीं टूटी खिड़कियां और दीवार में दरारें मिलीं। नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष के मुताबिक रेलवे काॅलोनियों में 50 जर्जर क्वार्टर में 80 रेलकर्मी और उनके परिवार के लोग रहते हैं। वे हर वक्त सहमे रहते हैं।
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बारिश के समय रेलवे क्वार्टर में रहने वाले रेलकर्मियों की मुश्किलें बढ़ जाती है। छत से पानी टपकने के कारण कई रेलकर्मी खाना तक नहीं बना पाते हैं।
क्वार्टर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बाथरूम में दरवाजा तक नहीं है। जिले के दक्षिणी छोर पर पूर्वाेत्तर रेलवे और उत्तरी छोर पर उत्तर रेलवे का रूट है। इस रूट से लंबी दूरी की 35 से 40 ट्रेनें प्रतिदिन गुजरती हैं। सरकार स्टेशनों की सुविधाएं तो बढ़ा रही है, लेकिन उनके कर्मियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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स्टेशन अधीक्षक भदोही कोमल सिंह ने कहा कि भदोही स्टेशन पर रेलवे काॅलोनी 60 साल पुरानी है। जर्जर आवासों को उपयोग में नहीं लाया जा रहा है। 12 नए आवासों का निर्माण चल रहा है। शीघ्र ही आवासों में रहने वालों की समस्याएं दूर की जाएंगी। स्टेशन मास्टर ज्ञानपुर रोड स्टेशन मिथिलेश कुमार ने कहा कि ज्ञानपुर रोड पर बनी रेलवे कॉलोनी के भवन काफी पुराने हैं। जर्जर भवनों के कंडम होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। कुछ काम कॉलोनियों में हुआ है।
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