सिर मुड़ाते ही ओले पड़े। यह कहावत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग पर सटीक बैठ रही है। 135 आंगनबाड़ी नियुक्ति को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। एक, दो नहीं बल्कि 15 से 20 की संख्या में अभ्यर्थी डीएम को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग कर दी हैं। आरोप है कि मेरिट होने के बाद भी उनका चयन नहीं किया गया। तकनीकी खामी दिखाकर उनको मेरिट से बाहर कर दिया गया।
जिले में आंगनबाड़ी नियुक्ति के लिए 135 पदों के लिए आवेदन लिया गया था। करीब पांच हजार अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया। सत्यापन समेत अन्य प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद गत दिनों प्रभारी मंत्री एके शर्मा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया। कई अभ्यर्थियों ने नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाया है।
बृहस्पतिवार को औराई ब्लॉक की कंसापुर निवासी प्रीती कुमारी, ज्ञानुपर के अकोढ़ा की मुंदिता गुप्ता और भदोही ब्लॉक की चेतनीपुर की अंजली देवी ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की। आरोप लगाया कि मेरिट में सबसे अधिक अंक होने के बाद भी उनका नहीं चयन किया गया।
अकोढ़ा में जिस अभ्यर्थी का चयन किया गया है उनके यहां कई लोग सरकारी सेवा में हैं जबकि शासनादेश है कि विधवा, गरीब, बीपीएल श्रेणी में आने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। औराई के कंसापुर में दूसरे गांव भक्तापुर की महिला की नियुक्ति कर दी गई जबकि प्रीती मिश्रा से उसका मेरिट कम था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति शासनादेश के तहत की गई है। अगर कहीं कमियां हुई हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।