जिला चिकित्सालय की ओपीडी में सोमवार को पर्ची कटाने के लिए लगी मरीजों की कतार
गर्मी का असर सेहत पर कहर बरपाने लगा है। दिनभर आसमान से बरसती आग और आधी रात के बाद मौसम की ठंडी होती तासीर के बीच बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिले के सरकारी और निजी अस्पताल डायरिया, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के रोगियों से पट गए हैं। सोमवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में 1100 पर्चियां कटीं और शाम तक 62 मरीज भर्ती कराए गए।
प्रचंड गर्मी में चिकित्सालय मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी हैं। सोमवार को अस्पताल से लेकर दवा की दूकानों तक मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ लगी रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार से अधिक पर्चियां कटीं। लाइन में धक्के खाकर लोगों ने परची कटाई और दवाएं लीं।
कुछ ऐसे ही हालात जिले की सीएचसी, पीएचसी और अन्य निजी अस्पतालों में भी देखने को मिले। दवा की दूकानों पर भी दोपहर तक मरीजों की कतार लगी रही। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी से बचाव बेहद जरूरी है, वरना उल्टी-दस्त, डायरिया के अलावा बच्चों को बुखार भी आ सकता है। काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को हीट स्ट्रोक का खतरा बना हुआ है। इन बीमारियों से पीड़ित तमाम लोग हर रोज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी से उपचार से बेहतर बचाव है। डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ज्यादा धूप में घर से बाहर न निकलें। बहुत जरूरी हो तो सुरक्षा के पूरे इंतजाम के साथ। पानी भरपूर पीएं। आजकल फसलों की मड़ाई आदि के कार्य चलने के कारण गांवों में लोगों को कीड़े रेंगने के कारण फफोले पड़ने की समस्या आम हो गई है। यह भी गर्मी के ही कारण हो रहा है। साथ ही एलर्जी के कारण श्वांस के रोगियों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है।