मौसम में बदलाव सामान्य जनजीवन पर भारी पड़ने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारियों को पांव पसारने का मौका मिल गया है।
मंगलवार को जिले के सरकारी और निजी अस्पताल मरीजों की भीड़ से पट गए। इनमें डायरिया के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। अकेले जिला अस्पताल में 40 मरीज भर्ती हुए, जिनमें उल्टी-दस्त के मरीजों की तादाद 27 रही। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भारी भीड़ रही।
बदलते मौसम में अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही सेहत से खिलवाड़ साबित हो रही है। यही वजह है कि बरसात के बाद धूप के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव से मुश्किलें बढ़ जा रहीं हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल में सुबह से शाम तक मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी में रिकार्ड 1165 पर्चियां कटीं। जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा चार से पांच सौ तक ही रहता है। पर्ची कटाने के लिए काउंटर पर भारी भीड़ लगी रही। इनमें ज्यादातर मरीज उल्टी-दस्त और पेट की समस्याएं लेकर अस्पताल पहुंचे थे। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भारी भीड़ रही। दवा की दूकानों पर मरीजों और उनके तीमारदार भारी मात्रा में दवा खरीदते दिखाई दिए।
बदले मौसम मेंे चिकित्सकों के मुताबिक दूषित भोजन और कुएं अथवा खुले जलस्रोतों के पानी सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पेट की समस्याओं की मुख्य वजह दूषित खान-पान ही है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
इस बावत जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव के मुताबिक पानी उबालने के बाद ठंडा करके ही पीएं। ग्रामीण इलाके में इस समय कुएं की अपेक्षा हैंडपंप का पानी पीना ठीक रहता है।