वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को लगातार आठवां बजट पेश किया गया। बजट में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने आयकर दाताओं के साथ किसानों और युवाओं के लिए कई योजनाएं जारी की। वित्त मंत्री ने जैसे ही अपना बजट भाषण शुरू किया। वैसे ही तमाम लोग टीबी से चिपक गए। वहीं कामकाजी लोग मोबाइल पर ही बजट देखने लगे।
कई जगहों पर लोगों ने इसके लिए लैपटॉप का सहारा लिया। हर वर्ग बजट में अपने फायदे की चीज तलाशता रहा।वित्त मंत्री ने 12 लाख के सलाना आय, यानि कि एक लाख रुपये महीना कमाने वालों को टैक्स से बाहर कर बड़ी राहत दी। इससे जिले में साढे नौ हजार शिक्षक कर्मचारियों के साथ-साथ मिडिल क्लास को फायदा मिलेगा। वहीं किसानों को सस्ते दर पर कर्ज देने की योजना का जिले के 50 हजार क्रेडिट कार्ड धारक किसान लाभान्वित हो सकेंगे। हालांकि किसान सम्मान निधि का लाभ उठाने वाले एक लाख 95 हजार किसान सम्मान निधि की राशि न बढ़ने से मायूस दिखे।
वित्त मंत्री के एक लाख पीएम आवास की घोषणा से जिले के 10 हजार गरीबों को फायदा होगा। जिसमें भदोही के पांच हजार नवशहरी और पांच हजार अन्य इलाकों से हैं। वहीं 12 लाख सलाना आय को टैक्स के दायरे से बाहर करने से जिले के साढे नौ हजार शिक्षक और कर्मचारियों के साथ दो हजार पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी।
वहीं वित्त मंत्री के सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 से जिले के दो लाख 74 बच्चों के अलावा ढाई हजार गर्भवती महिला और 30 हजार किशोरियों को लाभ मिलेगा। दूसरी तरफ 500 करोड़ तक की सालाना टर्नओवर वाली कंपनियां को मीडियम श्रेणी में डालने और एमएसएमई से जुड़ी स्कीम से भदोही के 500 कालीन निर्यातकों की बांछे खिल गई। निर्यातकों का मानना है कि बजट में एमएसएमई के लिए महत्वपूर्ण कर्ज की समस्या को भी दूर करने की कोशिश की गई है।