घंटों मशक्कत के बाद भी कई किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
जिले में करीब 48 हजार हेक्टेअर में गेहूं की बुआई समेत 50 हजार हेक्टेअर में रबी की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गेहूं की बुआई शुरू होने के साथ ही पूर्व की तरह डीएपी का संकट एक बार फिर किसानों के सामने समस्या बनकर खड़ा हो गया है। लक्ष्य के सापेक्ष 35 फीसदी डीएपी की आपूर्ति से ज्यादातर समितियों पर नाम मात्र की डीएपी है।
इससे आए दिन समितियों और कृषक सेवा केंद्र पर डीएपी के लिए किसानों में किचकिच की नौबत हो जा रही है। मंगलवार को थानीपुर स्थित समिति पर खाद लेने के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी रही।
पहले मैं के चक्कर में लोग एक दूसरे से विवाद भी करने लगे। कमोबश यही स्थित जिले के अन्य समितियों पर दिखी। प्रभारी एआर कोआपरेटिव विजय शुक्ला ने कहा कि 1315 टन डीएपी जिले की समितियों पर उपलब्ध है। एक हजार एमटी की दूसरी रैक आ गई है।
उसे जल्द ही समितियों पर भेज दिया जाएगा।