ज्ञानपुर। पेट्रोल-डीजल में मनमानी बढ़ोत्तरी और महंगाई के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम राजेंद्र प्रसाद को सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है बावजूद इसके केंद्र सरकार पेट्रो पदार्थों का दाम बढ़ा रही है। एक ओर लोग किसी तरह जीविकोपार्जन के लिए कर्ज लेकर परिवार का पेट भर रहे हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से हर एक वर्ग महंगाई से त्रस्त हो चुका है। किसान भी सरकार की उपेक्षात्मक रुख को देखकर खेती-बारी से मुंह मोड़ लेना चाहता है। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़े ही रहेंगे तो किसानों को लागत मूल्य भी निकाल पाना असंभव रहेगा। सरकार जनविरोधी नीतियों को बढ़ावा देकर किसानों का मनोबल पूरी तरह से तोड़ दिया है। जनकल्याणकारी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं।
लॉकडाउन से लेकर अनलॉक होने तक भी हालात में सुधार नहीं लाया जा रहा है। मांगों में डीजल के बढ़े दाम को वापस लेने, किसानों को अनुदान पर डीजल उपलब्ध कराने, खाद-बीज, कीटनाशक, बिजली, कृषि यंत्रों के दाम करने, स्वामीनाथन कमीशन को लागू करने और कृषि कार्यों को मनरेगा से जोड़ा जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरुणेंद्र कुमार चौबे, अशोक मौर्य, अशोक पटेल, अखिलेश तिवारी, ओमकारनाथ दूबे, इंद्रजीत मौर्य, नित्यानंद उपाध्याय, दयाशंकर गिरी, रामनाथ तिवारी, अमर जीत बिंद, घनश्याम बिंद, मल्लूराम बिंद आदि रहे।