चौरी। मछलीशहर-वाराणसी हाईवे 731बी का निर्माण साल 2025 मार्च यानी बीते 11 महीने से ठप था। मंगलवार से वाराणसी डिवीजन को काम शुरू करना था। लेकिन एक बार फिर इस हाईवे का निर्माण रुकता दिखाई दे रहा है। कारण कि किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। 650 करोड़ की इस बहुप्रशिक्षित परियोजना का काम एनएचएआई वाराणसी डिवीजन की कार्यदायी संस्था भागल कंस्ट्रक्शन काम शुरू करने पहुंची थी। उधर 90 की संख्या में किसान मौके पर पहुंचे। कहा कि मुआवजा मिलने के बाद काम शुरू करने देंगे। टीम ने कहा कि अधिकारी बात करने के लिए आ रहे हैं। किसान पांच घंटे तक अधिकारियों का इंतजार करते रहे। लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद किसानों ने 28 फरवरी को तहसील पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया और वापस लौट गए। जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की मांग के लिए किसानों और अधिकारियों के बीच मामला अटका है। हालांकि, विवाद से मुक्त स्थानों पर कार्यदायी संस्था ने काम तेज कर दिया है।
मछलीशहर-वाराणसी 731बी का निर्माण साल 2022 में शुरू हुआ है। इस परियोजना को दो भागों में बांटा गया था। इसमें वाराणसी से भदोही नगर की सीमा तक का काम एनएचएआई की वाराणसी डिवीजन और नगर से मछलीशहर तक का काम एनएचएआई की जौनपुर डिवीजन को करना था। बीते साल मार्च में कार्यदायी संस्था भुगतान न होने और बिलिंग संबंधी मामले के लिए अचानक काम छोड़कर चली गई। इसके बाद वाराणसी डिवीजन का काम ठप हो गया। इस बीच जौनपुर डिवीजन का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों और किसानों के बीच कंधिया फाटक के पास की जमीन के मुआवजे के लिए मामला अटका है। भदोही तहसील प्रशासन के अनुसार यूपीसीडा के अधिकारी बैठक में आने वाले थे, लेकिन वे नहीं आए।
समझौते के अनुसार काम करें प्रशासन : इंद्रदेव
किसान नेता इंद्रदेव पाल ने कहा कि रेलवे आरओबी निर्माण में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हो रही है। उन्हें मुआवजा देकर एनएचएआई अपना काम शुरू करें। प्रशासन और यूपीसीडा सेज के लिए अधिग्रहण की गई जमीन से मुआवजा न लेने वाले किसानों के जमीन को अलग कर दें। बताया कि पहले के समझौते पर प्रशासन काम करे। कंधिया फाटक के दक्षिणी छोर पर सेज की जमीन का कुछ हिस्सा आरओबी निर्माण में जा रहा है। किसानों का कहना है कि आरओबी में जो जमीन जा रही है। उसका मुआवजा देकर ही काम किया जाए।
1300 मीटर लंबा और 28 मीटर चौड़ा होगा आरओबी
आरओबी डिवाइडर सहित 1300 मीटर लंबा और 28 मीटर चौड़ा बनेगा। इसमें अंडरपास के अलावा दोनों तरफ सर्विसलेन भी बनेगा। कंधिया फाटक के उत्तरी हिस्से पर ओवरब्रिज का काम तेजी से हो रहा है, लेकिन बाकी हिस्से पर कार्य अभी बंद है। इसको लेकर आज किसानों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक होने वाली थी, लेकिन ये बैठक नहीं हो पाई।
मछलीशहर-वाराणसी हाईवे 731बी की खास बातें
-वाराणसी और मछलीशहर के बीच की दूरी होगी कम
-साल 2022 से शुरू हुआ है हाईवे का निर्माण
-जौनपुर डिवीजन का लगभग 95 फीसदी काम हो चुका है पूरा
-फोरलेन के इस हाईवे की 89.285 किमी है कुल लंबाई
-प्रतापगढ़ होते हुए लखनऊ की कनेक्टिविटी होगी आसान
यूपी सीडा के अधिकारियों के न आने से किसानों से वार्ता नहीं हो सकी है। किसानों से जमीन के मुआवजे के लिए बातचीत होनी है। अब किसानों को दोबारा बुलाया जाएगा। ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके और हाईवे निर्माण निर्बाध गति से पूरा हो सके।
- अरूण गिरी, उपजिलाधिकारी, भदोही।